चंडीगढ़.भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें अंतिम सारांश संशोधन और अभिनव व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और मतदाता भागीदारी कार्यक्रम के दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गई।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने निर्देश दिए कि हितधारकों को गुणवत्तापरक चुनावी सेवाएं प्रदान करना सुनिश्चित करने के लिए नए तरीके अपनाए जाने चाहिए। यही नहीं क्षेत्रीय अधिकारियों और आईआईटीज जैसे अनुसंधान संस्थानों के तकनीकी प्रतिनिधियों के एक अध्ययन समूह को अमेरिका, कनाडा और यूके जैसे प्रमुख लोकतंत्रों की वर्तमान प्रणाली का अध्ययन करने के लिए प्रतिनियुक्त किया जा सकता है।
बैठक में इस उद्देश्य के लिए हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से अधिकारियों की एक टीम को कनाडा भेजने बारे भी निर्णय लिया गया। चुनाव प्रक्रिया में उनकी भागीदारी में सुधार के लिए समाज के विभिन्न स्तरों के लिए एसवीईईपी गतिविधियां और उचित रणनीति विकसित की जानी चाहिए।
चार प्रदेशों के अधिकारी करेंगे पायलट अध्ययन
बैठक में यह सुझाव दिया गया कि सभी फार्मों और बीएलओ सत्यापन रिपोर्ट का डिजिटलीकरण सांझा सेवा केंद्र स्तर पर किया जा सकता है। कार्यरत सरकारी और अर्ध-सरकारी पूल के अधिकारियों में बीएलओ की उपलब्धता कम हो रही है और उसी पारिश्रमिक से अनुभवी सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी पूर्णकालिक सेवा दे सकते हैं और एक से अधिक मतदान केंद्रों में कार्य भी कर सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से एक-एक जिले अर्थात होशियारपुर (पंजाब), मंडी (हिमाचल प्रदेश), रेवाड़ी (हरियाणा) और चंडीगढ़ में सीईओ द्वारा एक पायलट अध्ययन किया जा सकता है।
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