चंडीगढ़.सब-तहसील माजरी में हजारों करोड़ का घपला हो गया। कुछ रसूखदारों ने यहां 6442 कनाल जमीन यानि 800 एकड़ धोखे से अपने नाम करवा ली। लाखों की इसमें रिश्वत चली और इंतकाल तक आरोपियों के नाम हो गए। सारी गड़बड़ तहसीलदार वरिंदरपाल धूत, कानूनगाे इंदिवर और पटवारी दौलत राम ने रसूखदारों के इशारे पर किया।
शिकायत हुई और इसके बाद मोहाली की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने जांच की और तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी को दोषी पाया। पहाड़ काटकर सवा करोड़ प्रति एकड़ के हिसाब से 800 एकड़ जमीन बेची गई है। इस हिसाब से यहां 1000 करोड़ का घपला हुआ है।
रिपोर्ट में साहनी ने कहा है कि तुरंत इंतकाल खारिज किया जाए और जमीन कब्जे में ली जाए। साथ ही माजरी तहसील के कर्मियों पर सख्त एक्शन लेने को कहा। अब जब जमीन रसूखदारों के इशारे पर ही खरीदी गई, तो एक्शन कौन ले। गांव यह जमीन गांव जयंती माजरी, गुड़ा, कसौली, बघींडी, करोंदैवाला की जमीन है।
बिना साइन, बिना फर्द के चढ़ा इंतकाल
जांच में सामने आया कि 43 लोगों के बिहाफ पर जिस महिला ने तहसीलदार को जमीन का इंतकाल 161 लोगों के नाम चढ़ाने के लिए लिखा था उसके न तो हस्ताक्षर हैं, न ही कोर्ट फीस जमा करवाई और न ही कोई फर्द साथ में लगाई।
इन तारीखों पर हुआ घपला...
जांच में सामने आया कि माजरी के अंदर कुल पांच गांव आते हैं और इन पांचों काे मिलाकर 21714 कनाल 13 मरले यानी करीब 2714 एकड़ की जमीन शामलात जमीन थी। यह जमीन इन सभी गांववालों के नाम पर थी। जमीन में पहाड़, टोबा, नदी, चो और समतल जमीन सबकुछ बीच में था।
17 मई 2017 ने 43 लोगों ने तहसीलदार को लिखकर दिया कि यह जमीन 161 लोगों के नाम कर दी जाए। खासबात है कि यह जमीन सिर्फ 43 लोगों के नाम नहीं बल्कि गांव के करीब एक हजार लोगों के नाम थी।
20 दिसंबर 2017 को 161 लोगों के नाम इंतकाल चढ़ाने यानी जमीन उनके नाम करने का फैसला हुआ।
21 दिसंबर 2017 को पटवारी ने 161 लोगाें के नाम इंतकाल दर्ज कर दिया गया।
25 दिसंबर 2017 को कानूगो ने वेरिफाई कर दिया कि यह सब ठीक है। खास बात है कि 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी थी तो फिर यह कैसे हुआ।
मैंने रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है...
एडीसी मोहाली साक्षी साहनी ने कहा किमैंने जांच की थी और नैब तहसीलदार, कानूगो और पटवारी को दोषी पाया। इसकी रिपोर्ट डीसी को सौंपी और अब यह रिपोर्ट एक्शन लेने के लिए फाइनेंशियल कमिश्नर को सौंपी गई है। सारी रजिस्ट्री को कैंसिल करने के लिए कहा गया है।
जांच होगी-कैसे बिक गया पहाड़...
इस मामले पर फाइनेंशियल कमिशनर पंजाब केबीएस सिद्धू ने कहा कि
बिल्कुल ठीक बात है, मेरी नॉलेज में मामला आया है। खुद भी हैरान हूं। चाहे जो कोई भी शामिल हो उस पर एक्शन होगा ही। फिलहाल जल्द सारी रजिस्ट्ररियां खारिज करने के लिए आदेश जारी होंगे। ऐसे कैसे पहाड़ बिक भी रहे हैं और कट भी रहे हैं।
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