ऊना. जिले के रहने वाले विपन धीमान ने सौर ऊर्जा से चलने वाले ऑटो का निर्माण किया है। इस ऑटो के मार्केट में आने से जहां लोगों को डीजल, पेट्रोल के खर्च के झंझट से राहत मिलेगी, वहीं यह पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका अदा करेगा। एक बार पूरा चार्ज होने पर यह ऑटो 200 किलोमीटर का सफर तय कर सकता है, वहीं सौर ऊर्जा न मिलने पर इसे बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है।
ऊना के विपिन आईआईटी मंडी में शोधकर्ता है और इस ऑटो को बनाने के लिए आईआईटी मंडी कैटालिस्ट द्वारा ही आर्थिक मदद की गई है, वहीं प्रदेश सरकार द्वारा भी स्टार्टअप योजना के तहत विपिन को हर माह सस्टेनस एलाउंस भी दिया जा रहा है। विपपिन का अगला लक्ष्य ऊना में सोलर ऑटो तैयार करने उद्योग स्थापित करने का है ताकि स्थानीय लोगो को रोजगार भी मिल सके। ऊना जिला के गांव बसोली के निवासी विपिन धीमान के पिता ऊना में ऑटो स्पेयर पार्टस का व्यवसाय करते हैं।
अपने पिता के व्यवसाय के दौरान ही गाड़ियों में रूचि होने के चलते ही विपन ने ऑटोमोबाइल इंजीनिरिंग की। इस समय विपन आईआईटी मंडी में शोधकर्ता है। विपिन ने ऑटो व्यवसाय को सस्ता और प्रदूषण रहित बनाने के उद्देश्य से आईआईटी मंडी के समक्ष सोलर ऊर्जा से चलने वाले ऑटो का प्रस्ताव रखा, जिसे आईआईटी मंडी ने स्वीकार किया और सोलर ऑटो बनाने के लिए विपिन को आर्थिक मदद दी, वहीं प्रदेश सरकार द्वारा भी विपिन को एक साल के लिए हर माह सस्टेनस एलाउंस दिया जा रहा है।
ऑटो को बनाने के लिए उन्हें दो साल का समय लगा है। अभी तक इस ऑटो को बनाने में डेढ़ लाख का खर्च आ चुका है और 2 से अढ़ाई लाख के बीच यह ऑटो पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। ऑटो पर 800 वॉट का सोलर पैनल स्थापित किया गया है, पूरा चार्ज होने के बाद ऑटो 200 किलोमीटर का सफर तय कर सकता है। अधिकतम स्पीड 45 किलोमीटर प्रति घंटा है। सौर ऊर्जा न मिलने पर ऑटो को बिजली से चार्ज किया जा सकता है। यह ध्वनि रहित है, इससे प्रदूषण भी नहीं फैलता है।
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