नई दिल्ली.दिल्ली की एक महिला जिसे दो साल पहले तक चलने में बेहद परेशानी होती थी, वह 40 किलोमीटर पैदल चलकर केदारनाथ की यात्रा करके वापस आ गई और उसे कुछ परेशानी नहीं हुई। इसकी वजह उसके कूल्हे और घुटने का बदला जाना था। यह काम इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर (आईएसआईसी) के डॉक्टरों ने किया।
डॉक्टरों ने महिला को दो साल तक रेस्ट करने की दी थी सलाह
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली निवासी 40 साल की मिठू अधिकारी अर्थराइटिस से पीड़ित थी। इसके कारण उसे चलने में भी परेशानी होती थी। एक दुर्घटना में उसके कूल्हों में भी फ्रेक्चर हो गया था। आईएसआईसी के डॉक्टरों ने उसे कूल्हे और घुटने बदलवाने की सलाह दी। इस पर वह तैयार हो गई और अक्टूबर, 2017 में उसकी सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने उसे दो साल तक रेस्ट करने की सलाह दी लेकिन वह मार्च में केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पर गई। इसमें वह करीब 40 किलोमीटर पैदल चली। वापस आने के बाद उसे कोई परेशानी नहीं, इस वक्त भी वह ठीक है।
महिला बोली- मुझे विश्वास नहीं था कि मैं इतने ऊंचे दुर्गम मार्ग की यात्रा पूरी कर पाऊंगी
सर्जरी करने वाले आईएसआईसी के डाॅ. विवेक महाजन ने बताया कि मिठू को काफी ज्यादा दर्द था और इससे राहत पाने का एकमात्र उपाय सर्जरी ही था। टूटे हुए कूल्हे के कारण और कुछ भी पीड़ित को राहत नहीं मिल सकती थी। हमने कूल्हे और घुटने का एकसाथ रिप्लेसमेंट किया। हमें इस बात की खुशी है कि उन्होंने अन्य सामान्य भक्तों की तरह धार्मिक यात्रा का आनन्द लिया। उनकी परेशानियां अब कम हैं और उन्हें यह यात्रा पूरी करने के बाद भी किसी तरह का कष्ट नहीं उठाना पड़ा। मिठू अधिकारी का कहना है कि मुझे विश्वास नहीं था कि मैं केदारनाथ-बद्रीनाथ जैसे 11,660 फीट और 10,830 फीट ऊंचे दुर्गम मार्ग की यात्रा पूरी कर पाऊंगी। मगर हिम्मत रखते हुए मैंने यात्रा पूरी की। मुझे डर था कि वापस आने के बाद मुझे दिक्कत होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैं बिल्कुल ठीक हूं।
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