कोर्ट ने कहा अगली सुनवाई में पंजाब गवर्नमेंट की ओर से सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से दिए गए एफिडेविट की स्टडी कर अपनी रिपोर्ट सबमिट करें ताकि आगे की कार्रवाई हो सके। पंचकूला-बलटाना बॉर्डर की अगली सुनवाई 4 जनवरी 2020 में होगी। ऐसे में 14 जनवरी को कोर्ट रीडिमार्केशन होगी या नहीं इस पर फैसला सुनाएगी। इससे पहले की सुनवाई में सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से रीडिमार्केशन की मांग और पंचकूला प्रशासन की ओर से दिए एफिडेविट पर बहस हुई थी।
बता दें कि हरियाणा के पंचकूला और पंजाब के बलटाना बॉर्डर की सीमा को लेकर आए दिन कोई न कोई विवाद खड़ा होता रहता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान दोनों सरकार के फाइनेंशियल कमिशनर को कोर्ट में बुलाकर दोनों राज्यों के अधिकारियों की मौजूदगी में डिमार्केशन करवाने को कहा है ताकि डिमार्केशन रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट आगे फैसला ले सके। 29 जनवरी को मामले में सुनवाई के दौरान हरियाणा व पंजाब की फाइनेंस कमिशनर रेवेन्यु को तलब किया था और उन्हें पंचकूला व मोहाली के डीसी की अध्यक्षता में टीम बनाकर सर्वे ऑफ इंडिया की मौजूदगी में पैमाइश करवाने को कहा था। दरअसल यह सुनवाई सेक्टर-19 व बलटाना के बीच में सीआईडी दफ्तर के पास दीवार बनाने के बाद बलटाना के भगवंत सिंह सहित कुछ अन्य लोगों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका के आधार पर चल रही है।
अब तक ये हुई कार्रवाई
सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से मोहाली व पंचकूला के रेवेन्यु ऑफिसर की मौजूदगी में पंचकूला व बलटाना के बॉर्डर एरिया के लिए करीब 100 से ज्यादा पिलर्स लगाए गए। हाईकोर्ट के निर्देश पर सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से पैमाइश में होने वाले खर्च के लिए दोनों जिलों से 14.75 लाख रुपए जमा करवाए गए थे।
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सरकार ने सर्वे ऑफ इंडिया के एफिडेविट की स्टडी का समय मांगा तो हाईकोर्ट ने दिखाई नाराजगी
Reviewed by Dibyendu
on
18:02
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