पटियाला (राणा रणधीर).फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) ने पंजाब की चारों सरकारी एजेंसियों पनग्रेन, पनसप, मार्कफैड और वेयर हाउस का चावल लेने से इंकार कर दिया है। पंजाब सरकार को भेजे पत्र में एफसीआई ने तर्क दिया कि राज्य में आढ़तियों ने अब तक किसानों को डायरेक्ट पेमेंट नहीं की है। दूसरी ओर पड़ोसी सूबे हरियाणा में एफसीआई अब तक सरकारी एजेंसियों का करीबन 2 लाख टन चावल ले चुकी है। एफसीआई के इस फैसले से सूबे का 4200 शेलर मालिक परेशान हैं।
कारण, शेलरों में करीबन 159 लाख टन धान पड़ा है। राइस मिलर्स एसोसिएशन पंजाब का एक वफ्द सूबा प्रधान ज्ञान चंद भारद्वाज के नेतृत्व में इस मामले में बुधवार को फूड एंड सिविल सप्लाइज डिपार्टमेंट की डायरेक्टर अनिदित्ता मित्रा को मिला और इस मामले का कोई हल निकालने की अपील की है। जानकारों के मुताबिक अगर एफसीआई ने 15 दिसंबर तक पंजाब का चावल न लिया तो उसके बाद धुंध पड़ने से चावल में नमी की मात्रा बढ़ सकती है। अगर चावल में नमी बढ़ी तो पंजाब का चावल केंद्रीय पूल में रिजेक्ट हो सकता है। यहीं चिंता राइस मिलर्स को सता रही है कि अब तक सूबे में चावल की मिलिंग शुरू न हो पाने से कहीं बाद में चावल रिजेक्ट न हो जाए।
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