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हाईकोर्ट का फैसला- पत्नी का यह कहना कल की बजाय आज मर जाओ... मामला खुदकुशी के लिए उकसाने का नहीं

चंडीगढ़ (ललित कुमार).घरेलू कलह के दौरान अक्सर पति-पत्नी के बीच तल्खियां बढ़ती हैं। इस दौरान होने वाली बातचीत कई बार इतना गंभीर रूप धारण करती है कि बात सुसाइड तक भी पहुंच जाती है। लुधियाना के एक ऐसे ही मामले में पत्नी ने घर लौटने से इनकार करते हुए पति से कहा था कल की बजाय आज मर जाओ। इसके बाद पति ने खुदकुशी कर ली थी। 2017 के इस मामले में हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि यह मामला किसी भी तरह से आत्महत्या के लिए उकसाने का नहीं है। पत्नी का घर न लौटना और यह सब कहना खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला नहीं बनता है।

पति के पिता की शिकायत पर ही लुधियाना पुलिस ने 10 फरवरी 2017 को उसकी पत्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। 9 फरवरी 2017 को पति ने आत्महत्या की थी। शिकायत में कहा गया है कि इससे पहले दो बार उसे घर लौटने के लिए एसएमएस किए लेकिन जवाब में साफ इंकार के साथ कहा गया कि वह चाहे तो कल मरता आज मर जाए लेकिन वह वापस नहीं लौटेगी। इसके बाद पति ने आत्महत्या कर ली। मंगलवार को जस्टिस अनिल खेत्रपाल ने मौजूदा मामले में लुधियाना पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और कोर्ट में चार्जशीट और आरोप तय किए जाने की सारी प्रक्रिया को ही खारिज कर दिया।

लौटने को किया था मैसेजट

पति ने नाराज चल रही पत्नी को घर लौटने के लिए कई बार कहा लेकिन उसने घर लौटने से इनकार कर दिया। मान मनव्वल करते हुए पति ने फोन पर पत्नी को दो मैसेज भी किए और कहा कि यदि वह वापस नहीं लौटी तो वह मर जाएगा। नाराज पत्नी ने पति द्वारा किए मैसेज के जवाब में कहा कि वह कल मरता है तो आज मरे लेकिन वह वापस नहीं आएगी। पत्नी के इनकार के बाद पति ने आत्महत्या कर ली।

यह कहा था याचिका में

पत्नी ने हाईकोर्ट में कहा कि उसने लव मैरिज की थी। जबकि पति की पहले भी 2011 में शादी हो चुकी थी और 2014 में तलाक हो चुका था। पत्नी ने कहा कि वह घर नहीं लौटना चाहती थी, इसका कारण पति से झगड़ा था। ऐसे में पति के आत्महत्या करने का दोषी उसे नहीं ठहराया जा सकता। याचिका में मांग की गई थी कि एफआईआर और आरोप तय की प्रक्रिया खारिज की जाए।

कोर्ट ने यह दी उकसाने की परिभाषा
कोर्ट ने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाना वह है जहां व्यक्ति को इतना विवश किया जाए या परेशान किया जाए कि वह मरने के लिए मजबूर हो जाए। इस मामले में ऐसा नहीं है। पत्नी पति के घर नहीं लौट रही तो यह आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं बनता है। हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए एफआईआर और आरोप तय किए जाने को खारिज करने के निर्देश दिए हैं।

पिता बोले- बेटे ने बताया था वह पत्नी से परेशान है
मृतक के पिता की तरफ से पुलिस को बेटे की खुदकुशी के अगले दिन दी गई शिकायत में कहा गया कि उसकी पत्नी और उसकी मां उनके बेटे को परेशान कर रही थी उनके बेटे ने उन्हें बताया था कि वह अपनी पत्नी से बहेद परेशान है और इस परेशानी के चलते ही किसी दिन आत्महत्या कर लेगा।



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Court acquits wife in husband's suicide case


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हाईकोर्ट का फैसला- पत्नी का यह कहना कल की बजाय आज मर जाओ... मामला खुदकुशी के लिए उकसाने का नहीं हाईकोर्ट का फैसला- पत्नी का यह कहना कल की बजाय आज मर जाओ... मामला खुदकुशी के लिए उकसाने का नहीं Reviewed by Dibyendu on 18:02 Rating: 5

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