जिला प्रशासन को रामलीला मंचन से लोगों की सुरक्षा को खतरा लगता है। मगर आतिशबाजी से ऐसा कोई खतरा नहीं लगता। प्रशासन ने शहर के बीच 2 राललीलाएं यह कहकर नहीं होने दी कि अगर कोई हादसा हो गया तो एंबुलेंस व फायरब्रिगेड नहीं पहुंच पाएंगी। उसके बाद रामलीला शहर से बाहर करने पर मंजूरी दी गई। लेकिन प्रशासन को शहर में लगी आतिशबाजी की दुकानों से डर नहीं लगता। कुराली में सिर्फ चार रिटेल के लाइसें हैं, 8 थोक लाइसेंस हैं।
लेकिन दुकानें लगी हैं 62। जिस वजह से जाम लग रहा है। एंबुलेंस या फायरब्रिगेड का जाना भी मुश्किल है। हाईकोर्ट के निर्देश भी हैं कि नियमों के अनुसार ही आतिशबाजी बेची जाए, लेकिन पटाखा मंडी में कोई नियम नहीं माने जा रहे। इस बार भी अवैध तौर पर आतिशबाजी का व्यापार रोकने में जिला प्रशासन नाकाम रहा।
अफसरों के दावे दिवाली से पहले ही हवा-हवाई: जिला प्रशासन के अफसरों की ओर से बेशक शहर में अवैध तौर पर आतिशाबाजी का कारोबार न होने देने के दावे किए जाते रहे हाें, लेकिन आतिशबाजी की मंडी के रूप में तबदील हुए शहर ने प्रशासन के अधिकारियों के दाबों की पोल खोल कर रख दी है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पिछले 1 महीने से शहर में केवल आतिशबाजी का लाइसेंस रखने वालों को ही आतिशबाजी निश्चित स्थानों पर बेचने को यकीनी बनाने के दावे किए। आतिशबाजी विक्रेताओं को हिदायतें भी जारी की। चेतावनी भी दी कि यदि कोई अवैध तौर पर आतिशबाजी बेचते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन जिला प्रशासन की हिदायतें केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित हैं।
मोरिंडा रोड पर जाम से लोग हुए परेशान
बडाली रोड पर पटाखों की मंडी के कारण बाहर से आतिशबाजी की खरीदारी करने आए लोगों ने अपनी गाड़ियां मोरिंडा पर दोनों साइड खड़ी कर दी। सड़क के दोनों ओर खड़ी गाड़ियों के कारण सारा दिन जाम की स्थिति बनी रही और लोग परेशान होते रहे। लोगों को पेश आ रही इस समस्या को हल करने के लिए किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
सिटी रिपोर्टर | मोहाली/कुराली
जिला प्रशासन को रामलीला मंचन से लोगों की सुरक्षा को खतरा लगता है। मगर आतिशबाजी से ऐसा कोई खतरा नहीं लगता। प्रशासन ने शहर के बीच 2 राललीलाएं यह कहकर नहीं होने दी कि अगर कोई हादसा हो गया तो एंबुलेंस व फायरब्रिगेड नहीं पहुंच पाएंगी। उसके बाद रामलीला शहर से बाहर करने पर मंजूरी दी गई। लेकिन प्रशासन को शहर में लगी आतिशबाजी की दुकानों से डर नहीं लगता। कुराली में सिर्फ चार रिटेल के लाइसें हैं, 8 थोक लाइसेंस हैं।
लेकिन दुकानें लगी हैं 62। जिस वजह से जाम लग रहा है। एंबुलेंस या फायरब्रिगेड का जाना भी मुश्किल है। हाईकोर्ट के निर्देश भी हैं कि नियमों के अनुसार ही आतिशबाजी बेची जाए, लेकिन पटाखा मंडी में कोई नियम नहीं माने जा रहे। इस बार भी अवैध तौर पर आतिशबाजी का व्यापार रोकने में जिला प्रशासन नाकाम रहा।
अफसरों के दावे दिवाली से पहले ही हवा-हवाई: जिला प्रशासन के अफसरों की ओर से बेशक शहर में अवैध तौर पर आतिशाबाजी का कारोबार न होने देने के दावे किए जाते रहे हाें, लेकिन आतिशबाजी की मंडी के रूप में तबदील हुए शहर ने प्रशासन के अधिकारियों के दाबों की पोल खोल कर रख दी है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पिछले 1 महीने से शहर में केवल आतिशबाजी का लाइसेंस रखने वालों को ही आतिशबाजी निश्चित स्थानों पर बेचने को यकीनी बनाने के दावे किए। आतिशबाजी विक्रेताओं को हिदायतें भी जारी की। चेतावनी भी दी कि यदि कोई अवैध तौर पर आतिशबाजी बेचते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन जिला प्रशासन की हिदायतें केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित हैं।
अलाॅट हुई जगह पर नहीं लगे स्टॉल
शहर में कुल 8 दुकानों के पास आतिशबाजी बेचने के बड़े लाइसेंस हैं, जबकि प्रशासन की ओर से शहर में आतिशबाजी बेचने के लिए 4 दुकानदारों के नाम ड्राॅ में निकले जिन्होंने खेल स्टेडियम में आतिशबाजी की स्टॉल लगाने थे, लेकिन किसी ने आतिशबाजी बेचने के लिए वहां स्टॉल नहीं लगाए।
जिला प्रशासन ने नहीं की कोई कार्रवाई
प्रशासन ने शहर वासियों की सुरक्षा को लेकर दशकों से चले आ रहे रामलीला के मंचन वाले स्थान को तो बदल दिया, लेकिन रिहायशी क्षेत्रों में बेचे जा रहे पटाखों को रोकने में गंभीर दिखाई नहीं दिया। प्रशासन की ओर से सख्ती दिखाई जानी चाहिए थी। प्रशासन के दोहरे रूप को लेकर शहर वासियों में रोष पाया जा रहा है।
एसडीएम कह रहे टीम भेज चेक करवाएंगे
इस संबंधी डीसी मोहाली को फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जबकि एसडीएम खरड़ हिमांशू जैन ने मोरिंडा रोड और बडाली रोड पर अवैध तौर पर आतिशबाजी की चल रही दुकानों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के टीम को भेज कर बनती कार्रवाई की जाएगी।
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चार रिटेल और 8 थोक के लाइसेंस फिर भी पटाखों की 62 दुकानें सजीं
Reviewed by Dibyendu
on
18:58
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