
पटियाला | बहावलपुर भवन त्रिपड़ी में डाॅ. किशोर खन्ना की माता राम देवी की श्रद्धांजलि सभा में सत्संग का अायोजन किया गया। इस मौके पर प्रवचन करते साध्वी प्रीति भारती ने कहा कि संसार एक समुद्र के समान है। इंसान इस संसार रूपी सागर में गोते खाता मुसाफिर है। इस संसार में न जाने कितनी लहरें, तूफान आते हैं यानि हर इंसान का जीवन उथल-पुथल, संकट और दुखों से गुजरता है। मनुष्य को यह समझना होगा कि जैसे धरती में उर्वरता कितनी ही क्यों न हो, हरियाली के लिए उसे कुशल किसान का आश्रय चाहिए। धातु कितनी भी मूल्यवान क्यों न हो, उसे उपयोगी उपकरण या आभूषण में बदलने के लिए धातु विशेषज्ञ के कुशल हाथों से गुजरने की आवश्यकता है। ठीक यही बात भवसागर से हिचकोले खाते मनुष्य पर भी लागू होती है। अगर वह भटकाव से बचना चाहता है तो उसे जीवन के सफर में मार्गदर्शक चाहिए। इस अवसर पर केके मल्होत्रा (अध्यक्ष, सिटी कांग्रेस, पटियाला), नंद लाल गुराबा व बहावलपुर संघ के सदस्य भी उपस्थित थे।
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