
पंजाबी यूनिवर्सिटी की रैंकिंग सुधारने की की कवायद में जुटी हुई है। वहीं, अन्य यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को पीयू की रिसर्च अधिक से अधिक पढ़ाने के लिए पीयू अब जल्द ही अपने जनरल को ऑनलाइन करने जा रही है। इन ऑनलाइन जरनल के लिए पीयू ने कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट इसके लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार कर रही है, जो अगले सप्ताह तैयार हो जाएगा और इसमें जनरल अपलोड भी हो जाएंगे। इससे स्टूडेंट्स अब ऑनलाइन अपना रिसर्च वर्क भी देख सकेंगे। इसके अलावा रिसर्च स्कॉलर से यह भी कहा गया कि वह स्कोपस इंडेक्स्ड में रजिस्ट्रेशन करवाकर अपने जरनल अपलोड करें। इससे पूरे विश्व में लोग पीयू के जनरल ऑनलाइन पढ़ सकेंगे और कितने व्यू आए, जिसका फायदा रिसर्च स्कॉलर को भी होगा। क्योंकि, वह यह भी जान सकेंगे कि जनरल की कितनी रैंकिंग है। इसके अलावा गूगल स्कॉलर पर अपना एकाउंट बनाएंगे। इससे देश विदेश में बैठे लोग और रिसर्च स्कॉलर पब्लिकेशन को पड़ सकेंगे और उसका लाभ उठा सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने वेब अॉफ साइंस में भी रजिस्ट्रेशन कराने को कहा है। पंजाबी यूनिवर्सिटी में करीब 700 रिसर्च स्कॉलर हैं। स्कोपस इंडेक्स्ड मे मौजूदा समय में करीब 15 हजार जनरल्स पब्लिश हैं। एसोसिएट डीन रिसर्च डॉ. लखविंदर गिल ने बताया कि अगले सप्ताह ऑनलाइन करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
यूनि. की 131 से गिरकर 182 पर पहुंची थी रैंकिंग
एनाआईआरएफ रैंकिंग 2019 में पीयू की 182 पहुंच गई थी, जबकि पिछले साल 131 थी। इस बार रिसर्च वर्क में कम नंबर मिलने के चलते पीयू पिछड़ी थी। वहीं, अब वीसी ने रैंकिंग सुधारने के लिए लगातार सुधार कर रहे हैं और रिसर्च वर्क लगातार ऑनलाइन कर रहे हैं।
स्कोपस इंडेक्स से डाटा उठाती रैंकिंग तय करने वाली संस्था
एनआईआरएफ स्कोपस इंडेक्स्ड से सीधे यूनिवर्सिटियों का डाटा उठा लेते हैं, जिससे वह रैंकिंग तय करते हैं, लेकिन अब पीयू का भी डाटा इस बेवसाइट मेें मिलेगा। इससे रैंकिंग में सुधार होने की उम्मीद है।
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