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राहत की सांस : पंजाब में कम रहा प्रदूषण, लेकिन कुछ शहरों में खतरनाक स्तर पर

भास्कर न्यूज | पटियाला/लुधियाना

इस दिवाली पंजाब में भले ही प्रदूषण का स्तर कम दर्ज किया गया हो लेकिन कुछ शहरों में पॉल्यूशन का स्तर खतरे के निशान के पार पहुंच गया है। पंजाब में दिवाली यानी रविवार को औसतन 234 के मुकाबले 10.25% कम प्रदूषण हुआ है। स्टेट में पटियाला का सबसे अधिक पॉल्यूशन 305 के पार पहुंच गया, जिसे 50 से ज्यादा नहीं होना चाहिए। जबकि राेपड़ का सबसे कम पॉल्यूशन स्तर 99 दर्ज किया गया है। पीपीसीबी के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. चरणजीत सिंह के मुताबिक दिवाली की सुबह 6 बजे तक तो हालात ठीक थे लेकिन उसके बाद पटाखे फोड़ने से पॉल्यूशन बढ़ा। कुछ शहरों का पॉल्यूशन स्तर काफी बढ़ा तो कई जगहों पर कमी भी आई। हालांकि, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, सूबे के 8 शहरों में एक्यूआई औसतन 210 रहा। 2018 में यह 234 व 2017 में 328 था। पिछले वर्ष के मुकाबले एक्यूआई में 10.25% और 2017 के मुकाबले 36% की कमी आई है।

जानें... दिवाली के दिन प्रमुख शहरों में कितना रहा एक्यूआई

शहर एक्यूआई (पीएम)

अमृतसर 182 (2.5)

बठिंडा 135 (10)

जालंधर 198 (2.5)

खन्ना 195 (10)

लुधियाना 239 (2.5)

मंडी गाेबिंदगढ़ 295 (2.5)

पटियाला 305 (2.5)

रोपड़ 99 (2.5)

10 एसपीएम से ज्यादा खतरनाक 2.5 एसपीएम

करुनेश गर्ग के मुताबिक 10 एसपीएम में धूल के कण मापे जाते हैं। इसमें कार्बन, नाइट्रेट जैसे और भी हानिकारक कण मौजूद होते हैं, लेकिन ये कण मोटे होने के कारण इन्सान को कम नुकसान पहुंचाते है। 2.5 एसपीएम में इसी तरह के कण काफी बारीक होते हैं और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।

... और दिवाली से 2 दिन पहले

शहर एक्यूआई

अमृतसर 229

बठिंडा 203

मंडी गाेबिंदगढ़ 241

जालंधर 223

खन्ना 171

लुधियाना 198

पटियाला 232

एक्यूआई के ये मानक...

0-50 सही

50-100 संतोषजनक

101-200 मीडियम

201-300 खराब

301-400 बहुत खराब

-401 से ज्यादा गंभीर, यानी आपातकालीन स्थिति होती है।

आगे क्या... प्रदूषण और बढ़ेगा, विजिबिलटी घटेगी

जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में पॉल्यूशन का स्तर और बढ़ेगा। क्योंकि पराली को किसान आग लगा रहे हैं, जिससे धुंध बढ़ेगी। कोहरे के कारण असर ज्यादा होगा। वहीं, अगर बारिश हुई तो पॉल्यूशन से लोगों को राहत मिल सकती है।

किसानों ने आतिशबाजी की आड़ में जलाई पराली...

अगर पराली जलाने की बात करें तो दिवाली के दिन सुबह से ही किसानों ने आतिशबाजी की आड़ में पराली को जलाना शुरू कर दिया था। यही हालात शहर में सोमवार को फिर से देखने को मिले। स्मोक छाने से आंखों में जलन जैसी समस्याएं पैदा होने लगी हैं।

प्रदूषण घटने के 3 कारण...

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे चलाने का समय रात 8-10 बजे तय किया था।

पंजाब सरकार ने पुलिस प्रशासन को आदेश दिया था कि नियमों के खिलाफ पटाखे चले तो संबंधित थाना प्रभारी जिम्मेदार होगा।

जागरूकता व सख्ती से पराली जलाने की घटनाओं में लगातार हो रही कमी।



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Amritsar News - breath of relief pollution remains low in punjab but dangerous levels in some cities


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राहत की सांस : पंजाब में कम रहा प्रदूषण, लेकिन कुछ शहरों में खतरनाक स्तर पर राहत की सांस : पंजाब में कम रहा प्रदूषण, लेकिन कुछ शहरों में खतरनाक स्तर पर Reviewed by Dibyendu on 18:52 Rating: 5

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