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पंजाब में सिंघाड़े की पूर्ति करती है मोटे माजरा की झील

मोटे माजरा की 125 बीघे में फैली झील ट्राई सिटी और पंजाब के विभिन्न शहरों में सिंघाड़े की जरूरत की पूर्ति कर रही है। आजकल इस झील में हर रोज 15 क्विंटल सिंघाड़ा तोड़ा जा रहा है। सर्दी बढ़ने के साथ साथ सिंघाड़े की निकासी दोगुनी हो जाएगी। सिंघाड़ों को विभिन्न उपवासों में रोटियां बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा सर्दियों में सिंघाड़े को सब्जी के रूप में भी उपयोग किया जाता है।

मुनाफे की खेती उत्तर प्रदेश के बिजनौर से मिलता है सिंघाड़े का बीज

मोटे माजरा की झील को 15 साल से ठेके पर लेकर सिंघाड़े की पैदावार करने वाले मोहम्मद रफी ने बताया कि अप्रैल में इसका बीज डाला जाता है जोकि यूपी के बिजनौर से पांच हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से लाया जाता है। इस बीज से तैयार पनीरी को पूरी झील में पानी में डाल दिया जाता है। उन्होंने बताया कि नवरात्रों के साथ सिंघाड़े की मांग शुरू हो होती है। वह चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला, पटियाला, अंबाला, लुधियाना और कई मंडियों में मांग के अनुसार सिंघाड़े की सप्लाई करते हैं। उन्होंने बताया कि वह मोटेमाजरा के साथ-साथ हरियाण के दसड़का की झील में भी सिंघाड़े की खेती करते हैं।

15 से 20 रुपए किलो बिकता है सिंघाड़ा

सिंघाड़ा 15 से 20 रुपए किलो बिकता है। सिंघाड़े की तुड़ाई में लगे हुए मोहम्मद काला, खिलावत, लोकेश, इमामू दीन, लिखावत ने बताया कि वह लंबे समय से हर साल यहा आते हैं। मजदूर हर रोज 40 से 70 किलो सिंघाड़े तोड़ लेता है और वह 300 से 500 रुपए तक कमा लेते है।



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Banur News - mote majra lake caters to singhara in punjab


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पंजाब में सिंघाड़े की पूर्ति करती है मोटे माजरा की झील पंजाब में सिंघाड़े की पूर्ति करती है मोटे माजरा की झील Reviewed by Dibyendu on 19:02 Rating: 5

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