धर्मशाला(प्रेम सूद).धर्मशाला में नवम्बर महीने में होने वाली मैगा ग्लोबल इन्वैस्टर्स मीट से पहले धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक सौ करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है। अब धर्मशाला को स्मार्ट बनाने की कवायद रफ्तार पकड़ेगी।
पांच वर्षों में राज्य व केंद्र सरकार की ओर से 500-500 करोड़ रुपए जारी किए जाने हैं। अब जल्द ही प्रदेश सरकार की ओर से मंजूर की गई यह राशि धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंट में आ जाएगी। शहरी विकास, आवास और नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी ने बताया कि धर्मशाला शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने 100 करोड़ जारी किए हैं शीघ्र ही धर्मशाला की विभिन्न योजनाओं पर कार्य शुरू होंगें।
धर्मशाला के लिए स्पेशल परपस व्हीकल (एसपीवी) और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (पीएमसी) एजेंसी का भी चयन हो चुका है। पीएमसी एजेंसी ने कई योजनाओं पर डीपीआर बनाने का कार्य आरंभ कर दिया है। धर्मशाला स्मार्ट सिटी के तहत 2109 करोड़ की राशि खर्च होनी है और इसमें करीब 74 परियोजनाओं पर काम होना है। अधिकांश परियोजनाओं पर औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है और कुछेक को धरातल पर उतारने के लिए काम चल रहा है।
एसपीवी के पास 220 करोड़ रुपए का बजट था, जिसमें से 194 करोड़ रुपए केंद्र सरकार ने और 25 करोड़ रुपए प्रदेश सरकार ने दिए थे। एसपीवी पहले ही 700 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की योजना बना चुका है, लेकिन इसका बजट केवल 220 करोड़ रुपए है। कुल 220 करोड़ रुपए में से अब तक 35 करोड़ ही खर्च हो पाए हैं। मई 2015 को धर्मशाला स्मार्ट सिटी की अधिसूचना जारी हुई थी।
स्मार्ट सिटी परियोजना की शर्तों के अनुसार प्रदेश सरकार को परियोजना में 50 प्रतिशत योगदान देना था। हालांकि प्रदेश सरकार ने अब तक सिर्फ 25 करोड़ रुपए का योगदान दिया था। जिसके चलते परियोजनाओं पर कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। स्मार्ट सिटी योजना के तहत 34 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को निष्पादित किया गया है जबकि 58 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है और पिछले तीन वर्षों में परियोजना पर स्थापना व्यय के रूप में 9.78 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
परियोजना के लिए एसपीवी के पास कॉफर्स में खर्च करने के लिए 118 करोड़ रुपए की आवश्यकता थी। लेकिन अब 100 करोड़ जारी होने के बाद कार्य रफ्तार पकड़ेगा।
धर्मशाला में अब तक 34 करोड़ रुपए की योजनाएं पूरी
धर्मशाला स्मार्ट सिटी में 34 करोड़ रुपए की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इनमें 30 करोड़ रुपए स्रोत और संयंत्र (पानी की आपूर्ति) में वृद्धि और स्वचालन शामिल हैं। जीआईएस वेब पोर्टल जिसमें सभी पर्यटन स्थल, सरकारी कार्यालय, अस्पताल और पुलिस स्टेशन 1.29 करोड़ रुपए के जीआईएस वेब पोर्टल पर खर्च किए गए हैं।
ई-नगरपालिका 1.17 करोड़ रुपए की जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र के रूप में विभिन्न सेवाएं, 35 लाख रुपए की धर्मशाला स्मार्ट सिटी वेबसाइट और रूट ज़ोन ट्रीटमेंट चरण एक जिसमें सीवरेज पानी को विशेष पौधों की जड़ों का उपयोग करके साफ़ किया जा रहा है। इस योजना पर 1.40 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
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