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गांधी बस्ती के 200 घरों के लिए न रास्ता रहेगा, न होगी सीवरेज निकासी की व्यवस्था, अब शहर आने के लिए 5 किमी का चक्कर लगाना होगा

रेलवे के डबल ट्रैक बनने से एक महीने के भीतर गांधीनगर को शहर के रामगढ़िया रोड से जोड़ने वाला रेलवे का अस्थाई रास्ता बंद हो जाएगा। गांधी बस्ती में रहने वाले करीब एक हजार लोगों का शहर से संपर्क कट जाएगा। 325 फीट का रेलवे का रास्ता तय कर रामगढ़िया रोड को आने वाले लोगों को शहर आने के लिए संघेड़ा जाकर 5 किलोमीटर का रास्ता तय कर आना पड़ेगा। अब न तो लोगों के पास शहर आने के लिए रास्ता बचेगा औ न ही उनके घरों से पानी की निकासी होगी। लोगों को आने वाली इस समस्या का किसी को कोई ध्यान नही है। लोगों का कहना है कि उनकी कोई भी अधिकारी या नेता फरियाद नहीं सुन रहा है। अब वह कड़ा संघर्ष करेंगे। एक फरवरी से लोगों ने पक्के तौर पर संघर्ष करने की बात कही है।

सीवरेज लाइन न होने से पानी की निकासी होती है ट्रैक किनारे

रेलवे की जमीन पर हो रही पानी की निकासी, जो अब बंद हो जाएगी।

गांधीनगर निवासी बिल्लू सिंह, लक्की, हरजीत सिंह, मक्खन सिंह, हरचरण सिंह, सेवक सिंह ने कहा क पूरे शहर में सीवरेज के कनेक्शन डाले जा चुके हैं। लेकिन उनके मोहल्ले में सीवरेज कनेक्शन नहीं डाला गया। क्योंकि रामगढ़िया रोड को उनके घरों को जोड़ने वाली सड़क अस्थाई रूप से रेलवे की जमीन पर बनी हुई है। इसलिए उनके पानी की निकासी रेलवे ट्रैक के एक साइड पर खाली पड़ी जगह पर हो रही है। उनके घरों का सारा पानी रेलवे की साइड पर जमा हो जाता है और वहीं पर सूख जाता है। अगले 1 महीने के भीतर डबल ट्रैक बनाने के लिए जब यहां पर मोटे पत्थर व रेत की परत बिछाई जाएगी तब उनके घरों के पानी की निकासी भी पूरी तरह से बंद हो जाएगी। इस बात की उन्हें चिंता सता रही है कि उनके पानी की निकासी कहां होगी। लेकिन प्रशासन का इस तरफ कोई भी ध्यान नहीं है। पानी की निकासी के बिना एक दिन भी रहना मुश्किल है। इस संबंधित कई बार तो वह डिप्टी कमिश्नर से मिल चुके हैं। लेकिन उनकी समस्या का निवारण नहीं निकलकर सामने आया।

प्राइवेट जमीन खरीदकर नगर कौंसिल प्रशासन निकाल सकता है रास्ता

रेलवे की जमीन पर बना अस्थायी रास्ता।

अकाली सरकार के समय ट्राइडेंट संस्थापक ने की थी जमीन खरीदने की बात : पार्षद हैप्पी

वार्ड नंबर 3 के पार्षद हैप्पी ने कहा कि अकाली सरकार के समय ट्राइडेंट के संस्थापक पद्मश्री राजेंद्र गुप्ता की तरफ से लोगों की समस्या को हल करवाने के लिए इस जमीन को खरीद कर गली निकालने की बात शुरू करवाई गई थी। लेकिन रेट के हिसाब से इस जमीन का अधिक से अधिक 20 से 25 लाख बनता है। लेकिन जमीन के मालिक करीब 70-80 लाख मांग रहे थे। जिसके चलते यह बात बीच में ही बंद हो गई। अगर यह जगह मिल जाए तो मामला पूरी तरह से हल हो जाएगा।

संबंधित अधिकारियों से मामले की मांगी है रिपोर्ट : डीसी

जिले के डीसी तेज प्रताप सिंह फूलका ने कहा कि उन्होंने नगर कौंसिल व अन्य अधिकारियों से इस मामले में सारी रिपोर्ट मांगी है। किसी तरह से इस मामले का हल किया जा सकता है। इस बारे में पूरी कोशिश की जा रही है। मामले का जल्द से जल्द उन्हें हल निकलने की उम्मीद है।

बस्ती के लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे लेकिन अधिकारी नहीं सुन रहे फरियाद

समस्या को लेकर नगर कौंसिल के खिलाफ पक्के तौर पर संघर्ष करने की दी चेतावनी

मोहल्ला निवासी बिल्लू सिंह, छोटा सिंह, परमप्रीत सिंह, बंता सिंह, कर्म सिंह ने बताया कि उनके मोहल्ले के आगे 15 फीट की गली बनी हुई है। जिसमें टाइल्स भी लगी है। लेकिन उनकी गली व रामगढ़िया रोड के बीच में 325 फीट का फासला है। यह फासला उन्हीं रेलवे की जमीन पर बनी अस्थाई कच्ची सड़क से होकर तय करना पड़ता है। डबल ट्रैक बनने से यह स्थाई सड़क का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जहां उनकी गली खत्म होती है वहीं से रामगढ़िया रोड है। उसमें 325 फीट का फासला है। यह जमीन किसी प्राइवेट व्यक्ति की है। जो की करीब करीब 12 बिस्वा में जगह बनती है। यहां पर करीब डेढ़ से 2 लाख बिस्वा की कीमत है। प्रशासन उस मालिकों से जमीन खरीद लेता है। तो उनकी समस्या हल हो जाएगी।

ट्रैक बनने से पहले निकालेंगे समाधान : शौरी

नगर कौंसिल के प्रधान संजीव शौरी ने कहा कि उन्हें ट्रैक बनने से पहले मामले के हल होने की उम्मीद है। किसी न किसी तरह इसका हल करने का प्रयास किया जाएगा, नहीं तो लोगों को संघेड़ा रोड से गुजरने के लिए रास्ता ही बचेगा।



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Barnala News - there will be no way for 200 houses of gandhi basti there will be no sewerage drainage system now you have to take 5 km round to come to the city
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गांधी बस्ती के 200 घरों के लिए न रास्ता रहेगा, न होगी सीवरेज निकासी की व्यवस्था, अब शहर आने के लिए 5 किमी का चक्कर लगाना होगा गांधी बस्ती के 200 घरों के लिए न रास्ता रहेगा, न होगी सीवरेज निकासी की व्यवस्था, अब शहर आने के लिए 5 किमी का चक्कर लगाना होगा Reviewed by Dibyendu on 18:08 Rating: 5

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