संगरूर की निवासी रीना रानी के मुताबिक, वह बुधवार को एक्टिवा से पुलिसलाइन के नजदीक से गुजर रही थी कि एकदम से चाइना डोर उसके मुंह से आ लगी। इसकी वजह से उसके होंठ से खून बहने लगा। तुरंत राहगीरों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया।
अकोई साहिब गांव के भूपिंदर सिंह ने बयां किया - वह मोटरसाइकिल पर डीसी कोठी के नजदीक से जा रहा था। एकदम उसकी गर्दन के आगे चाइना डोर आ गई। उसने डोर को हटाने की कोशिश की, लेकिन इस कोशिश में उसके हाथों की अंगुलिया कट गईं। सिविल अस्पताल के एसएमओ डाॅ. कृपाल सिंह ने बताया कि चाइना डोर से घायल हुए से 6 मरीज अस्पाल में भर्ती हुए । इनमें से अधिकांश को छुट्टी दे दी गई है। कई के चाइना डोर से होंठ कट गए हैं तो किसी की अंगुलियां। इनको टांके लगाकर अस्पताल में भर्ती किया गया है। बसंत पंचमी को देखते हुए अस्पताल में डॉक्टरों की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई थी। अस्पताल में भूपिंदर सिंह, रीना रानी, अश्वनी कुमार, खुशप्रीत सिंह, अर्श का इलाज कर छुट्टी दे दी गई।
अब बात बरनाला जिले की। यहां सड़कों पर बहुत से लोग प्लास्टिक डोर से बचते नजर आए। पांच लोग जख्मी डोर के कारण घायल हो गए। दिनभर लोग विशेषकर दोपहिया सवार सड़क पर बच-बचकर गुजरते रहे। वे किसी अनहोनी को लेकर चिंतित दिख रहे थे। लेकिन कई के गले में डोर फंसी और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धनौला के निवासी जसवीर सिंह के बाएं हाथ का अंगूठा प्लास्टिक डोर से बुरी तरह से कट गया। उसे 3 टांके लगाने पड़े। इसी तरह से दाना मंडी में रहने वाले एक लड़के के होंठ पर बुरी तरह से कट लग गया। दोनों का इलाज सिविल अस्पताल में करवाया गया। फार्मासिस्ट जसविंदर बारा सिंह ने बताया कि पूर्ण बचाव हो गया। भवानीगढ़ में 3 व्यक्ति जख्मी हो गए। महिला डॉक्टर भारती ने बताया कि सतगुर सिंह (34) के माथे पर, गुणीके गांव के के ईश्वर सिंह के होंठ और अनीता रानी के पांव की अंगुली चाइना डोर से घायल हो गई। इन लोगों को टांके लगाकर इलाज किया गया।
अकोई, भवानीगढ़ में भी जिद्दी पतंगबाजों के कारण दुर्घटनाएं, किसी पर कार्रवाई नहीं
(ऊपर बाएं से क्लाक वाइज) संगरूर मेंं चाइना डोर की चपेट में आकर जख्मी हुई बच्ची खुशप्रीत व महिला रीना रानी का इलाज करते डॉक्टर, डोर से खुद को बचाता बाइक सवार और बरनाला में जख्मी हुए लड़के का इलाज करते डॉक्टर। - भास्कर
संगरूर में पतंगबाजी
पंतगबाज बोले - प्लास्टिक डोर सस्ती और मजबूत|पतंगबाजों की दलील सुनिए। वे अपना नाम नहीं बताना चाहते थे। कहते हैं कि प्लास्टिक डोर दूसरी डोर से लगभग आधी कीमत पर मिलती है। दूसरी बात, जब दूसरा (पतंगबाज) प्लास्टिक डोर से पतंग उड़ाता है तो धागे की डोर का चढ़ाया हुआ पतंग कट जाता है। इसको देखते हुए सब लोग एक-दूसरे की पतंग काटने के लिए प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल करते हैं।
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चाइना डोर से खूब पतंगबाजी, संगरूर धनौला समेत कई जगह 11 लहूलुहान
Reviewed by Dibyendu
on
18:08
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