शहर के करीबन सभी बड़े स्कूलों ने शिक्षा विभाग को ठेंगा दिखाते हुए अब तक अपनी वेबसाइट पर अपने सिलेबस के मुताबिक किताबों की सूची अपलोड नहीं की है। जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को 10 फरवरी तक अपने सिलेबस के मुताबिक नए सेशन 2020-21 के लिए किताबों की लिस्ट अपनी अपनी वेबसाइट पर डालने का आदेश दिया था।
ऐसा इसलिए किया गया था ताकि लिस्ट को देखकर पेरेंट्स मर्जी से किसी भी बुक सेलर से किताबों को खरीद सके। स्कूलों ने मनमर्जी करते हुए अब तक अलग अलग क्लासों के मुताबिक किताबों की लिस्ट अपनी वेबसाइट पर नहीं डाली है। बुड्ढा दल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की वेबसाइट को छोड़कर बाकी किसी भी स्कूल की वेबसाइट पर किताबों की लिस्ट नहीं दिखी। डीएवी पब्लिक स्कूल, मार्डन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शिवालिक पब्लिक स्कूल की वेबसाइट पर पिछले शैक्षणिक सेशन 2019-20 की किताबों की लिस्ट का लिंक है।
दैनिक भास्कर ने शहर के सभी बड़े स्कूलों जिसमें भूपिंदरा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, ब्रिटिश कोएड स्कूल, अवर लेडी फातिमा स्कूल, सेंट पीटर्स एकेडमी, रयान इंटरनेशनल, गुरु नानक फाउंडेशन स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेंट जेवियर की वेबसाइट चेक की। किसी भी स्कूल ने अब तक अपने नए सेशन की किताबों की लिस्ट अपलोड नहीं की है।
पटियाला में 30 करोड़ की बुक की सेल- 2 बुक शॉप्स की मनोपली; अापसे 12 करोड़ ज्यादा वसूली
पेरेंट्स एसोसिएशन की माने तो पटियाला के ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों का बुक डीपो वालों के साथ सेटिंग है। पटियाला में 30 करोड़ रुपए की किताबों की बिक्री होती है, इस हिसाब से बुक शैलर स्कूलों के साथ मिलकर करीबन 12 करोड़ रु की ठगी मारते हैं। पेरेंट्स ने बताया कि शहर में दो बड़े बुक शॉप की शहर के सभी बड़े 8 निजी स्कूलों से सेटिंग है। ये बुक शॉप स्कूलों को स्टेशनरी के बदले मोटी कमीशन दे रहा है। करीब 50 प्रतिशत स्कूल का कमीशन होता है। लेकिन, दुकान होते हुए किताब पहुंचता है तो मार्जिन करीब 10 फीसदी घट जाती है। ऐसे में औसतन 40 फीसदी ही मार्जिन देखा जाए तो स्कूलों का कमीशन करोड़ों में होता है। इस बीच पेरेंट्स की जमकर लूट होती है। सरकार की सख्ती के चलते इन दोनों बुक शॉप वालों ने स्कूलों के आस पास ही टेंपरेरी दुकानें खोली हुई है ताकि पेरेंट्स को मार्केट तक आना पड़े। पेरेंट्स की शिकायत के बाद एडीसी इश्मित विजय सिंह ने कहा कि वो खुद इस मामले की जांच करेंगी।
एडीसी ने खुद जांच करने का दिया भरोसा
इधर पटियाला के अलग अलग स्कूलों की पेरेंट्स एसोसिएशन ने मंगलवार को एक मंच पर अाकर डीसी अौर डीईअो को मांग पत्र सौंप कर इन स्कूलों को तुरंत अपनी वेबसाइट पर बुक लिस्ट डालने के निर्देश देने को कहा है। अॉल स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन राजपुरा के प्रधान गुरप्रीत सिंह धमौली ने बताया कि राजपुरा के सभी प्राइवेट स्कूलों ने 15 फरवरी से पहले पहले अपनी वेबसाइट पर बुक लिस्ट डाल दी है तो पटियाला के स्कूल एेसा क्यों नहीं कर पाए हैं? बुड्ढा दल पब्लिक स्कूल के प्रधान जीएस सोढ़ी, रेयान इंटरनेशनल पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रधान भगवंत सिंह बाजवा, ब्रिटिश कोएड के प्रधान शरणजीत सिंह जोगीपुर, सुरिंदर खानपुर, गुरप्रीत चंडोक, गुरमीत मल्होत्रा, बलजिंदर अब्दुलपुर, रविंदराल, बिक्रम सिंह ने कहा कि यह सारी देरी सिर्फ कमीशन के चक्कर में है।
यह भी जानें
2500-3000 : स्टूडेंट्स की औसत संख्या है शहर के एक निजी स्कूल में।
3000-7000 : रु तक हर स्टूडेंट का किताबों और ड्रेस खरीदने में होता है खर्च।
900 से 2100 : रु तक स्कूलों को एक स्टूडेंट से मिलता है कमीशन।
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किताबों-ड्रेस पर कमीशन का खेल, स्कूलों ने वेबसाइट पर नहीं डाली किताबों की लिस्ट
Reviewed by Dibyendu
on
17:58
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