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मॉकड्रिल है तो आई हाईड्रेंट और अग्निशमन यंत्रों की याद


शुक्र है अफसरों की नींद मॉकड्रिल से ठीक एक दिन पहले ही खुल गई। अगर ऐसा नहीं होता प्रशासनिक अधिकारियों की पोल शुक्रवार को सेक्टर-1 के डीसी ऑफिस में हुई मॉक ड्रिल में ही खुल जाती। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से शुक्रवार को डीसी ऑफिस में मॉकड्रिल करनी थी।

ऐसे में इस ड्रिल में इस्तेमाल किए जाने वाले सेफ्टी इक्विपमेंट तब ठीक करवाए जब ड्रिल को एक दिन रह गया था। एक ओर तो शुक्रवार को डीसी ऑफिस में मॉक ड्रिल करवाई गई, जिसका मकसद था लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों में अपने आपको कैसे बचाया जाए, इसके बारे में जागरूक करना। बड़ी बात यह है कि लोगों को जागरूक करने वाला प्रशासन और उनके अधिकारी जब खुद ही नहीं जागरूक तो वह औरों को क्या जागरूक करेंगे।

करीब 6 महीने से ज्यादा समय से डीसी ऑफिस के बिल्डिंग और मल्टीलेवल पार्किंग की बिल्डिंग में अग्निशमन यंत्र बेकार पड़े थे। एक दिन पहले रिफिल किया गया है ताकि प्रशासन की कमजोरियां और लापरवाही लोगों के सामने न आए। यही नहीं आग को बुझाने में काम आने वाले हाइड्रेंट सिस्टम को भी 3 दिन पहले वन विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर ठीक करवाए गए। वे पिछले 6 महीने से ज्यादा समय से खराब पड़े हुए थे। डीसी ने बताया कि सिविल डिफेंस के स्टाफ को बढ़ाने के साथ-साथ उनसे लगातार संपर्क में रहना होता है। रेडक्राॅस और नेहरू युवा केन्द्र के वाॅलेन्टियर पंचकूला के साथ-साथ कालका, रायपुररानी और मोरनी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी सक्रिय बनाए रखना है। गृहरक्षा विभाग की भी भागीदारी बढ़ाने के लिए इन सभी को ट्रेंड किया जाएगा। रूरल लेवल पर गठित कमेटियों से बातचीत करके वार्डन गठित करने का कार्य भी किया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा विभाग, रेडक्राॅस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और वॉट्सएप ग्रुप बनाने का सुझाव दिया।

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मॉकड्रिल में इंसिडेंट कमांड पाॅस्ट, हेल्प डेस्क, प्राथमिक उपचार पाॅस्ट, मीडिया ब्रिफिंग पाॅस्ट, रेडक्राॅस रेस्क्यू टीमों सहित अलग-अलग केन्द्र बनाकर काम किया। मॉकड्रिल में फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, स्वास्थ्य विभाग, रेडक्राॅस, होमगार्ड, राजस्व, आपदा प्रंबधन विभाग, पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने पूरी मेहनत के साथ काम किया। इस मौके पर एडीसी मनिता मलिक, एसडीएम पंचकूला धीरज चहल, एसडीएम कालका राकेश सिंधू, सीटीएम सुशील कुमार, जिला राजस्व अधिकारी रामफल कटारिया, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी दमन सिंह तहसीलदार पुण्यदीप, वीरेन्द्र गिल, रेडक्राॅस सचिव विजय लक्ष्मी, आपदा प्रबंधन इंचार्ज अनीता ठाकुर के अलावा ओर भी अधिकारी मौजूद थे।


को भी 3 दिन पहले वन विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर ठीक करवाए गए। वे पिछले 6 महीने से ज्यादा समय से खराब पड़े हुए थे। डीसी ने बताया कि सिविल डिफेंस के स्टाफ को बढ़ाने के साथ-साथ उनसे लगातार संपर्क में रहना होता है। रेडक्राॅस और नेहरू युवा केन्द्र के वाॅलेन्टियर पंचकूला के साथ-साथ कालका, रायपुररानी और मोरनी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी सक्रिय बनाए रखना है। गृहरक्षा विभाग की भी भागीदारी बढ़ाने के लिए इन सभी को ट्रेंड किया जाएगा। रूरल लेवल पर गठित कमेटियों से बातचीत करके वार्डन गठित करने का कार्य भी किया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा विभाग, रेडक्राॅस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और वॉट्सएप ग्रुप बनाने का सुझाव दिया।



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मॉकड्रिल है तो आई हाईड्रेंट और अग्निशमन यंत्रों की याद मॉकड्रिल है तो आई हाईड्रेंट और अग्निशमन यंत्रों की याद Reviewed by Dibyendu on 18:22 Rating: 5

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