चंडीगढ़ (सुशील भार्गव).हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गन्ने के भाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में गन्ने के रेट न बढ़ाए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। जहां विपक्ष गन्ने के दाम 400 रुपए प्रति क्विंटल करने पर अड़ा रहा, वहीं सत्ता पक्ष यही दलील देता रहा कि चीनी के दाम 3000 रुपए प्रति क्विंटल से कम हैं ऐसे में गन्ने का भाव 340 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक नहीं किए जा सकते। विपक्ष कृषि मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। फिर सीएम मनोहर लाल को माेर्चा संभालना पड़ा।
सीएम ने 44 साल पुराने गन्ने के रेटों का हवाला दिया, बोले तब ऐसी स्थिति भी आई थी कि, रेट चार रुपए प्रति क्विंटल तक घटाए गए थे, लेकिन हमने चीनी के दाम कम होने के बावजूद छह साल में 30 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा चीनी के दामों को ध्यान में रखते हुए गन्ने के रेट में बढ़ोत्तरी नहीं हो सकती, इस बारे में अगले साल सोचा जाएगा। खास बात यह है कि गन्ने का एरिया अबकी बार 12 लाख हेक्टेयर कम हो सकता है। यानी किसानों का मोह भंग हो रहा है, जबकि सियासतदानों का मोह गन्ने के प्रति बढ़ रहा है।
गन्ने की लागत पर भड़के हुड्डा, इस्तीफे की पेशकश
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गन्ने के भावों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंन सदन में सीधे कृषि मंत्री जेपी दलाल से सवाल दागा, मंत्री बताएं प्रति क्विंटल गन्ने के उत्पादन पर किसान कितना खर्च करते हैं, मंत्री ने बताया कि प्रति क्विंटल 170 रुपए खर्च आता है। जवाब सुनते ही पूर्व सीएम भड़क गए और बोले यदि एक क्विंटल गन्ने के उत्पादन पर यह लागत आती है तो वे सदन से इस्तीफा दे देंगे।
सीएम बोले-एक-एक पैसे का हिसाब देना होगा
प्रदेश के चावल मिल मालिकों से सरकार धान के बदले में सारी राशि की रिकवरी करेगी। अब तक प्रदेश के करीब 448 चावल मिल मािलकों से 27.90 करोड़ रुपए की राशि रिकवर हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक रिकवरी अम्बाला, करनाल और कुरुक्षेत्र जिलों से की गई है। कुल मिलाकर प्रदेश के 1207 चावल मिल मालिकों से 90 करोड़ रुपए से अधिक की राशि रिकवर करनी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इस संदर्भ में तेजी से रिकवरी में जुटा है। सीएम मनोहर लाल ने साफतौर से कह दिया है कि सरकार का एक-एक पैसा रिकवर किया जाएगा। प्रदेश में धान कहीं से आकर कोई किसान बेच सकता है, इसकी कोई बंदिश नहीं है, लेकिन सरकार का पैसा कोई नहीं खा सकता।
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