मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गरीबों, दिहाड़ीदारों और मज़दूरों की मदद काे पंचायती फंड बरतने के लिए समूह शहरी स्थानीय इकाईयों अनुमति दें। वहीं गौशालाओं काे चारे के प्रयोग के लिए म्यूनिसपल कमेटी फंड दे सकेंगी। स्थानीय निकाय विभाग ने सभी नगर-निगमों, नगर-कौंसिलों,पंचायतों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिससे कोविड-19 के कारण बंद में गरीबों को हो रही कठिनाई में उनकी मदद की जा सके। लुधियाना, जालंधर और अमृतसर नगर-निगमों को रोज़ाना एक लाख रुपए ख़र्च करने के लिए अधिकृत किया है। राज्य की बाकी नगर-निगमों को रोज़ाना 50 हजार रुपए और इस समय के दौरान कुल अधिक से अधिक 10 लाख रुपए ख़र्च कर सकेंगे। इस तरह नगर कौंसिलों (ए-क्लास) को रोजाना 25 हजार, नगर-कौंसिलों (क्लास बी और सी)/नगर पंचायतें प्रतिदिन 15 हजार रुपए खर्च कर सकेंगी।
पास जारी करने के लिए सरपंचों को दी पावरमुख्यमंत्री ने गरीबों और ज़रूरतमंदों को आपदा राहत देने के लिए सरपंचों को पंचायती फंड बरतने के लिए अधिकृत किया था। शनिवार को सरपंचों को मेडिकल इमरजेंसी के हालात में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक पास या पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया गया जिससे जरूरतमंद डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज करवा सके।
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अब शहरी इकाइयां भी गरीबों, दिहाड़ीदारों को दे सकेंगे फंड
Reviewed by Dibyendu
on
19:07
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