कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस बीच जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा की मांग भी उठने लगी है। बठिंडा केंद्रीय जेल में भी बैरकाें कैदियों की संख्या क्षमता से कहीं ज्यादा है जिसके चलते जेल में भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे हालातों में जेल में बंद कैदियों के परिजनों काे अपनाें की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। उन्होंने अपने वकीलों के माध्यम से पंजाब सरकार से जेल में बंद कैदियों/ हवालातियों की सुरक्षा के लिए फेस मास्क व हैंड सेनेटाइजर मुहैया करवाने की मांग की है। हालांकि जेल प्रशासन का दावा है कि कई एहतियात कदम उठाए हैं। जिक्रयोग है कि बठिंडा केंद्रीय जेल में 1800 से अधिक कैदी व हवालाती बंद हैं। जिसमें कई कुख्यात गैंगस्टर भी शामिल हैं। बैरकों में काफी संख्या में कैदी मौजूद हैं। हरेक बैरक में एक साथ क्षमता से कहीं अधिक कैदी हैं। पंजाब सरकार भी एलान कर चुकी है जेलों में किसी प्रकार के संक्रमण काे टालने के लिए करीब 6 हजार कैदियों को रिहा किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट भी इस बारे में राज्य सरकारों को निर्देश दे चुकी है लेकिन अभी इसे लागू नहीं किया गया है। कोरोना के डर से कैदियों/ हवालातियों से मिलने के लिए आने वाले परिजनों की संख्या भी कम हो गई है। फिलहाल तो बंदियों के परिजनों पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है और उन्हें बंदियों से नहीं मिलने दिया जा रहा। इतना ही नहीं सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय जेल के बंदी और सुरक्षाकर्मी सभी मास्क लगाए नजर आ रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था, जेलों में कोरोना कैसे रोकेंगे?
पिछले दिनों सुप्रीम काेर्ट ने जेल के अधिकारियों से पूछा था कि वे कोरोना को फैलने से कैसे रोकेंगे। कोर्ट ने इस संबंध में जेल में रखे गए क्षमता से ज्यादा कैदियों को कोरोना के खतरे पर चिंता जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को इस संबंध में हाई पावर कमेटी गठित करने का आदेश भी दिया है। यह हाईपावर कमेटी तय करेगी कि किस श्रेणी के कैदियों को अंतरिम जमानत या पैरोल पर कितने समय के लिए रिहा किया जा सकता है।
फेस मास्क, हैंड सेनेटाइजर मुहैया करवाने की मंाग
एडवोकेट रणधीर कौशल ने बताया कि पिछले दिनों उनके पास बठिंडा जेल में बंद एक कैदी के परिजनों ने मुलाकात की थी जिन्होंने बताया था कि जेल में परिजनों के मिलने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है ऐस में उन्हें चिंता है कि जेल में बंद उनके अपनों को सेनेटाइजर व मास्क की सुविधा मिल रही है या नहीं जबकि उन्हें सुनने में मिल रहा है कि काेरोना बीमारी से बचाव के लिए मास्क व सेनेटाइजर बहुत जरूरी है। उनका कहना है कि जेलों में भीड़ कम करने के लिए जेल में बंद कैदियों व हवालातियों को इंटैरिम बेल या पैरोल देकर उनकी अस्थाई तौर पर रिहाई एक विकल्प है।
जेल में 2100 कैदियों को रखने की क्षमता है
गांव गोबिंदपुरा में पुरुष महिला कैदी तथा हवालातियों के लिए अलग से बैरक बनाई गई हैं। हालांकि जेल में कुल 2100 कैदियों को रखने की क्षमता है। जहां तक बैरकों की बात है सूत्रों के अनुसार एक बैरक में 30 से 40 तक कैदी रखे हुए हैं। जेल में ग्राउंड फ्लोर पर 1020 कैदियों की बैरकें हैं जबकि पहली मंजिल पर 980 कैदियों को रखने के लिए बैरकें बनाई गई हैं। 40 एकड़ में पुरुषों के लिए बैरक हैं जबकि 29 एकड़ में महिला कैदियों के लिए बैरक हैं।
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केंद्रीय जेल में 1800 से अधिक कैदी, हवालातियों पर संक्रमण का खतरा
Reviewed by Dibyendu
on
19:10
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