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एनजीओ पकाकर देने की बजाय कच्चा राशन उपलब्ध करवाएं तो बेहतर


सोमवार को नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने प्रेस कांफ्रेंस कर नगर निगम के कोरोना वायरस से बचाव को किए गए कामों की जानकारी देने के साथ शहर के एनजीओ को गरीब लोगों को बांटने के लिए पकाकर देने की बजाय कच्चा राशन उपलब्ध करवाने की अपील की है। शेरगिल ने कहा कि शहर में एनजीओ करीब 9 हजार लोगों को पकाकर भोजन उपलब्ध करवा रही हैं, लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए अगर गरीब लोगों को एक बारगी में सप्ताह से 10 दिनों का राशन उपलब्ध करवा दिया जाए तो उनके संपर्क में आने का समय व खतरा दोनों कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर के डाटा के अनुसार शहर में 1500 लोग सड़कों पर जीवन यापन करते हैं तथा 1 हजार से कुछ अधिक झोंपड़ी आदि में रहने वाले लोग हैं। ऐसे में एनजीओ अगर ड्राई राशन देती है तो यह लोगों के लिए बहुत बेहतर होगा। मास्क के वितरण के साथ दवा आदि का छिड़काव करवाया जा रहा है। उन्होंने सरकार की तरफ से एनजीओ को राशन देने का संदेश डिलीवर कर दिया है जिसमें गेंद अब एनजीओ के पाले में चली गई है। कई एनजीओ ने कच्चा राशन देने में असमर्थता जता दी है।

संदेश एनजीओ को देना था, माहौल बनाने को गिनाए नगर निगम के काम


सोमवार को हुई इस प्रेस कांफ्रेंस का आयोजित करने का मकसद शहर की एनजीओ को सरकार के संदेश राशन देने का संदेश पहुंचाना था जिसे कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बखूबी कर दिया। बिना मास्क प्रेस कांफ्रेंस कर रहे कमिश्नर निगम बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कहा कि शहर में कचरा कलेक्शन व सफाई ठीक चल रही है तथा 50 साल से अधिक की आयु के कर्मियों को रेस्ट दिया गया है तथा सरकार के निर्देश अनुसार सड़कों, इमारतों आदि में सोडियम हाइपो क्लोराइड की करीब 2 हजार लीटर दवा का छिड़काव हो चुका है। इसके बाद शहर में जरूरतमंद लोगों की संख्या करीब 2500 गिनाते हुए कहा कमिश्नर शेरगिल ने कहा कि शहर में एनजीओ करीब 8 से 9 हजार भोजन का वितरण करती हैं जिससे वह लगातार लोगों के संपर्क में आती हैं जबकि प्रधानमंत्री ने सोशल डिस्टेंसिंग का संदेश दिया है। ऐसे में एनजीओ अगर निगम को कच्चा राशन उपलब्ध करवाएं तो इसे साप्ताहिक बांटा जा सकता है जिससे सोशल डिस्टेंस मेनटेन होगा। उन्होंने दावा किया कि निगम अभी तक 2800 पैकेट राशन बांट चुका है। एक प्रश्न के जवाब में कहा कि चुनिंदा लोगों को राशन बांटने के मामले में यह बात तब सही मानी जाएगी तब सरकार के राशन का डिस्ट्रीब्यूशन शुरू होगा, जोकि अभी होना बाकी है। शहर में खाने आदि के पहुंचने की बात पर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कहा कि शहर में हर जगह खाना जा रहा है तथा शायद ही कोई ऐसा केस होगा, जहां खाना नहीं है। कई जगह तो स्थिति ऐसी है कि वहां हर आधे से एक घंटे बाद राशन पहुंच रहा है। ऐसे में यह चीज भी एक गलत संदेश दे रही है तथा राशन देने से यह राशन सही व्यक्ति के हाथों में लगेगा ताकि उनका परिवार काम कर सके।

पत्रकारों को जानकारी करते नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल।



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एनजीओ पकाकर देने की बजाय कच्चा राशन उपलब्ध करवाएं तो बेहतर एनजीओ पकाकर देने की बजाय कच्चा राशन उपलब्ध करवाएं तो बेहतर Reviewed by Dibyendu on 19:34 Rating: 5

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