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400 से अधिक निगम दुकानों का करीब 80 फीसदी सर्वे पूरा, हाउस के अभाव में लटक सकता है ट्रांसफर

(दिनेश बस्सी) बठिंडा में नगर निगम की प्रापर्टी पर पिछले 12 साल या इससे अधिक समय से काबिज या बतौर किरायेदार बैठे लोगों को दुकानें हैंडओवर करने की प्रक्रिया एक्ट बनने के सात माह बाद भी जारी है तथा शहर में 400 से अधिक निगम दुकानों का करीब 80 फीसदी सर्वे पूरा हो चुका है जिसमें जल्द पब्लिक नोटिस निकालने की तैयारी है।

इसमें संबंधित किरायेदारों या काबिजों से एतराज लेने के बाद बाकायदा पांच सदस्यीय टीम आवेदनों की स्क्रूटनी करेगी जिसके बाद दुकानें हस्तांतरित करने का एक बड़ा प्रोसेस पूरा हो चुका होगा, लेकिन इसमें अभी कुछ माह और लग सकते हैं, लेकिन आम जनता से जुड़े इस केस में सबसे बड़ा पेच पूरी प्रक्रिया की नगर निगम हाउस की दो तिहाई बहुमत से मंजूरी लेना है जिसके बाद इस प्रक्रिया को फाइनल माना जाएगा, लेकिन बठिंडा में निगम हाउस का दूसरा कार्यकाल मार्च 2020 में समाप्त होने के बाद अभी तक चुनाव लंबित हैं।

ऐसे में इस प्रक्रिया को सरकार कैसे पूरा करती है, उन पर निर्भर करता है तथा हाउस की मंजूरी के अलावा काम में तेजी लाने क संबंध में अगस्त 2020 में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी लोकल निकाय एक पत्र सभी निकायों व निगमों को जारी भी कर चुके हैं।

नगर निगम मांगेगा एतराज, पांच सदस्यीय कमेटी करेगी स्क्रूटनी
राज्य सरकार द्वारा द पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर आफ म्यूनिसिपल प्रापर्टीज बिल 2020 के तहत निगमों व कौंसिलों में प्रापर्टी दुकान किरायेदारों या काबिजों को हस्तांतरित किए जाने के सात माह बाद भी प्रक्रिया के धीमी होने को लेकर लोकल निकाय विभाग ने पत्र जारी कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

बठिंडा में सेक्रेटरी नगर निगम की देखरेख में निगम प्रापर्टी को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया पूरी करने का काम चल रहा है जिसमें 400 से अधिक प्रापर्टी की काउंटिंग, साइज, जगह, काबिज या किरायेदार का नाम, बिल आदि सारी चीजों के ब्यौरे का एक रजिस्टर बनाया जा रहा है जिसका करीब 70 से 80 फीसदी पूरा हो चुका है।

ऐसे में अगले कुछ दिनों में एतराज मांगे जाने को लेकर 30 दिन की अवधि का पब्लिक नोटिस किसी भी समय निगम जारी कर सकता है। इस नोटिस के अनुरूप आब्जेक्शन मिलने के बाद पांच सदस्यीय टीम फाइलों की स्क्रूटनी करेगी जिसमें सांसद व विधायक या उनके प्रतिनिधि, डीसी, मेयर व कमिश्नर शामिल होंगे तथा इसमें किरायेदारों या कागजों के किसी तरह के एतराज को पारदर्शिता से निपटाने का काम यह कमेटी करेगी ताकि पूरी प्रक्रिया पर किसी तरह का प्रश्नचिन्ह ना लगाया जा सके।

फाइनल निर्णय सरकार का हाेगा
नगर निगम प्रापर्टी का रजिस्टर तैयार करने का अधिकांश काम पूरा हो गया है। जल्द इसमें पब्लिक नोटिस जारी कर संबंधित किरायेदारों या काबिजों आदि के एतराज लिए जाएंगे जिसकी स्क्रूटनी सीनियर प्रशासनिक टीम करेगी। एक्ट में हाउस का दो तिहाई बहुमत जरूरी है, लेकिन हम प्रक्रिया पूरी कर सरकार को भेजेंगे जिसमें फाइनल निर्णय उन्हीं का होगा। अमरदीप गिल, सेक्रेटरी, नगर निगम, बठिंडा

हाउस का दो तिहाई बहुमत होना जरूरी
जानकारी के अनुसार प्रापर्टी शिफ्ट करने की प्रक्रिया अभी कुछ लंबी चलने वाली है जिसमें कुछ माह का समय लग सकता है, लेकिन इस प्रक्रिया में सबसे बड़ा पेच तब फंसेगा जब हाउस की दो तिहाई बहुमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी, लेकिन नगर निगम में हाउस के लिए चुनाव हदबंदी के मामले के चलते थोड़े लेट हो सकते हैं, ऐसे में या तो निगम चुनाव जल्द हों ताकि इस मामले में एक्ट अनुसार दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव को सहमति देकर सरकार को भेजा जाएगा। हालांकि हाउस के अभाव में यह एक्ट किसी और तरीके से पूरा हो सकता है, इसमें संशय है। ऐसे में निगम प्रापर्टी के मालिक बनने में यह बड़ा अवरोध है।



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Survey of more than 400 shops almost complete, transfer may be delayed due to lack of house


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400 से अधिक निगम दुकानों का करीब 80 फीसदी सर्वे पूरा, हाउस के अभाव में लटक सकता है ट्रांसफर 400 से अधिक निगम दुकानों का करीब 80 फीसदी सर्वे पूरा, हाउस के अभाव में लटक सकता है ट्रांसफर Reviewed by Dibyendu on 18:09 Rating: 5

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