धारा 144 किसी ने नहीं मानी, 4 घंटे तक जाम रखा हाईवे, पुलिस प्रदर्शनकारियों को रास्ता देती रही, लेकिन आम लोगों को जाने से रोकती रही
किसानों की ओर से पंजाब बंद के ऐलान के चलते प्रशासन की ओर से गतरात पूरे जिले में धारा 144 लगाने के आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान धारा 144 की धज्जियां उड़ गई। मोहाली में तो पंजाब बंद का कोई खास असर नहीं दिखा, लेकिन जीरकपुर-अंबाला हाईवे जरूर 4 घंटे तक जाम रखा गया।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी हर जगह तैनात थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के वाहनों को धरनास्थल तक जाने दिया और सड़कें जाम करने दी, लेकिन आम लोगों को शहरी एरिया में या हाईवे पर बनी कॉलोनियों में रहने वाले लाेगाें को उनके घरों तक भी नहीं जाने दिया। लोग पुलिस की मिन्नतें करते दिखाई दिए। लेकिन उन्हें नहीं जाने दिया।
जैसे ही कोई झंडी लगा ट्रैक्टर-ट्राॅली आती या कार आती ताे उसके लिए रास्ता खोल दिया जाता। इस प्रदर्शन में अकालीदल, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और कई मजदूर संगठन जुड़े हुए थे। प्रदर्शन स्थलों पर ज्यादातर किसान यूनियन और अकाली दल के वर्कर मौजूद दिखाई दे रहे थे। मोहाली शहर में ही इसका असर दिखाई दिया।
भले ही व्यापार मंडल की ओर से दुकानें शाम 4 बजे तक बंद करने का ऐलान किया गया था, लेकिन दुकानें बंद करने को लेकर मिलाजुला असर दिखाई दिया। बहुत से दुकानदारों ने व्यापार मंडल के इस फरमान को नजरअंदाज कर दिया।
मोहाली में नहीं दिखा प्रदर्शन का असर, सभी दुकानें खुली
मोहाली शहर में प्रदर्शन को लेकर कोई ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया। प्रदर्शनकारी किसानों और अकाली दल के वर्कर्स ने गुरुद्वारा अंब साहब के पास स्थित फेज-7 के चौराहे, यूथ ऑफ पंजाब द्वारा एयरपोर्ट पर गुरुद्वार सिंह शहीदां के पास प्रदर्शन किया। लेकिन शहर के अंदरूनी एरिया और मार्केट्स में इस प्रदर्शन का कोई असर देखने को नहीं मिला।
मार्केट में आम दिनाें की तरफ चहल-पहल ओर दुकानें खुलीं। ब्रांडेड शोरूम, शूज शॉप्स, ईटिंग पॉइंट्स, रेस्तरां, ढाबे सभी खुले हुए थे। मार्केट की पार्किंग भी गाड़ियों से भरी हुई थी। व्यापार मंडल के कुछ नेताओं जो अकाली दल, आम आदमी पार्टी या कांग्रेस से संबंधित थे उनकी दुकानें या उनके नजदीकियों की दुकानें जरूर बंद थी।
जिन लोगों ने दुकानें बंद भी कर रखी थी उन्होने भी दोपहर 12 बजे के बाद आधे शटर उठाकर काम काज कर दिया था और दोपहर 1 बजे तक अधिकतर दुकानें खुल गई थी। दोपहर 2 बजते-बजते शहर के अंदर किसान प्रदर्शन के नाम पर बंद की कोई तस्वीर नहीं दिखाई दे रही थी। प्रदर्शनकारी भी वापस चले गए थे।
ट्रैफिक हुआ प्रभावित... प्रदर्शनकारी हाईवे पर बैठे हुए थे। इसलिए पुलिस ने पूरे हाइवे को सील कर रखा था। जब प्रदर्शनकारियों की झंडे लगी गाड़ियां, ट्रैक्टर-ट्राॅली आते तो उनके लिए रास्ता खोल दिया जाता था लेकिन उसके बाद रास्ता बंद कर दिया जाता था। जिस कारण हाईवे किनारे बनी सोसायटी, कॉलोनियां व अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोग परेशान हुए।
ये रोड ज्यादा प्रभावित... सुबह से लेकर बाद दोपहर तक हाईवे पर इन जत्थेबंदियों ने जाम लगाए रखा। जिस कारण मोहाली जिले के सभी हाईवे पर वाहन प्रभावित हुआ। डेराबस्सी-जीरकपुर हाईवे से लेकर बनूड़-पटियाला हाईवे, बनूड़-लांडरा-खरड़ हाईवे, चंडीगढ़-खरड़- मनाली हाईवे, कुराली-सिसवां-मुल्लांपुर हाईवे प्रभावित हुआ।
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