तरनतारन के कस्बा खेमकरण में मंगलवार को सेहत विभाग काे ओर काेराेना पाॅजीटिव बुजुर्ग नरिंदर सिंह के बेटे काे अस्पताल लाने के लिए भेजी गई धूल-मिट्टी से भरी एंबुलेंस के मामले की जांच एसडीएम पट्टी काे साैंपी गई है। वह वीरवार से मामले की जांच शुरू करेंगे। डीसी प्रदीप कुमार सभ्रवाल ने उन्हें जांच का जिम्मा साैंपा। मंगलवार काे मामला सामने आने के बाद सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने डीसी काे मामले की जांच करवाने केआदेश दिए थे। इसलिए बुधवार काे डीसी प्रदीप कुमार सभ्रवाल ने पट्टी के एसडीएम को जांच करने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सख्त आदेश जारी किए है कि इस मामले में जितने अधिकारियों की लापरवाही सामने आए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि सेहत विभाग के अधिकारियों काे कोरोना वायरस से निपटने के लिए अस्पतालों में स्टाफ और दूसरी सहूलियताें का पूरा प्रबंध करने के आदेश दिए हैं।गाैरतलब है कि 26 अप्रैल को नरिंदर सिंह और उनके पोता हजूर साहिब से वापस आए थे। 28 अप्रैल काे उनकी रिपोर्ट पाॅजीटिव आई थी। 28 अप्रैल के नरिंदर काे ले जाने के लिए सेहत विभाग ने खेमकरण सिविल अस्पताल से एंबुलेंस भेजी। नरिंदर का बेटा जब इसमें बैठने लगा ताे देखा कि इसमें धूल-मिट्टी के अंबार लगा था।
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