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राशन बांटने, कालाबाजारी रोकने की जिम्मेदारी लेने वाली पुलिस का दावा- लॉकडाउन में खुली दुकानों पर तुरंत करते कार्रवाई

पुलिस ने राशन बांटने, लोगों की सुरक्षा और कालाबाजारी समेत कई काम करने की जिम्मेदारी तो ले ली लेकिन एक भी काम सही ढंग से नहीं कर पा रही है। पुलिस द्वारा कर्फ्यू की शुरूआत में ही सभी सड़कों व इलाकों में मुलाजिम तैनात किए गए और गश्त भी बढ़ा दी गई। लेकिन फिर धीरे-धीरे मुलाजिम गायब होने शुरू हो गए। इसी तरह शहर के कई दुकानदार अभी भी ज्यादा कीमत पर समान बेच रहे हैं। लेकिन उन पर भी शिकंजा नहीं कसा जा सका।
पुलिस की ओर से दुकानें खोलने व बिना परमिशन के घूमने वालों पर तुरंत कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। लेकिन असलियत में पुलिस द्वारा खुद गश्त करके चेक करना व कार्रवाई करना तो दूर उन्हें फोन कर बताने पर भी कार्रवाई नहीं होती। जबकि कई इलाकों में तो पुलिस गश्त तक नहीं करती। पुलिस अफसरों द्वारा मुस्तैदी से काम करने की असलियत जानने के लिए दैनिक भास्कर द्वारा खुद इसकी रियलटी चेक की गई। जिसके चलते कई इलाकों में जाकर पहले खुली दुकानों व घूम रहे लोगों की फोटो ली गई। जिसके बाद संबंधित थाने में फोन कर मुंशी व 112 पर सूचित किया गया।

पहले तो आधे घंटे से पहले किसी भी जगह मुलाजिम नहीं पहुंचे। कई जगह पुलिस पहुंची ही नहीं और कई जगह काफी समय बाद पहुंचकर दुकानें खोलकर भीड़ जुटाने वालों पर कार्रवाई की जगह उनकी दुकानों को बंद करवाने लग गए। यहां तक कि दुकानदार को साथ भी ले गए और आगे जाकर छोड़ दिया। इसी तरह कई इलाकों में जाकर चेक किया गया। इसमें बहादुर के रोड, मिल्लरगंज, शहीद भगत सिंह कॉलोनी, शेरपुर और मोती नगर इलाके चेक किए गए।

पहले ही सायरन बजा देते हैं मुलाजिम, सुनते ही लोग गिरा लेते शटर

रियलटी चेक के दौरान मालूम हुआ कि कई इलाकों में नियमों की उल्लंघना करने वालों पर कार्रवाई करने की जगह पुलिस उनका बचाव करने में जुटी हुई है। इसके चलते पुलिस द्वारा इलाकों में पहुंचने से पहले ही सायरन बजाकर उन्हें अपनी मौजूदगी के बारे में बता दिया जाता है। जिसके चलते लोगों को पुलिस के आने का पता चल गया। वह तुरंत अपनी दुकानें बंद कर भाग निकले, जबकि सड़कों पर इकट्ठी भीड़ अपने घरों में घूस गई। इसी तरह मिल्लरगंज व शहीद भगत सिंह कॉलोनी में देखने को मिला। जहां पर मुलाजिम गाड़ी में आए और सायरन बजाया। जिसके चलते सभी पहले ही घरों में घूस गए। जबकि भगत सिंह कॉलोनी में उस समय सड़क पर करीब 100 से अधिक लोग मौजूद थे। जबकि अगर पुलिस इसी तरह कार्रवाई करेगी तो कानून तोड़ने वालों को कैसे पकड़ा जा सकेगा।

केस:1 दुकानदारों को पकड़ा और थोड़ी देर बाद बिना कार्रवाई के छोड़ दिया

सुबह आठ बजे थाना मोती नगर में फोन कर शहीद भगत सिंह कॉलोनी में दुकानें खुली होने की बात कही गई। जबकि लोकेशन भी बताई गई। पहले तो 25 मिनट तक कोई मुलाजिम नहीं आया। लेकिन उसके बाद दूसरी साइड पुलिस की गाड़ी आई। लेकिन पहले ही सायरन बजाने के चलते एक सड़क खाली हो गई। जबकि एक दुकान पर भीड़ लगी थी। भीड़ में खड़े लोग भाग निकले, लेकिन पुलिस ने दुकानदार को पकड़ लिया। लेकिन फिर बिना एफआईआर दर्ज किए उसे छोड़ दिया गया। पता चला था कि कुछ दुकानों पर पुलिस कभी कार्रवाई नहीं करती। जब दोबारा मुलाजिम को फोन कर उन दुकानों के बारे में बताया तो आगे से मुलाजिम ने कहा कि कोई न हम कार्रवाई कर लेगें। जबकि पुलिस इलाके में होने के बावजूद 100 से अधिक लोग खड़े थे।

केस:2 मेडिकल स्टोर पर भीड़, पीसीआर आते ही आधा शटर किया बंद, फिर खोला
इसी तरह काराबारा रोड पर एक मेडिकल स्टोर मालिक द्वारा ग्राहकों की भीड़ इकट्ठी करके दवाई दी जा रही थी। जबकि पुलिस द्वारा खुद डिस्टेंस रखने के लिए कहा जाता है। जबकि उसके बाद भी वहां भीड़ जुटी हुई थी। दुकानदार ने थोड़ी दूरी पर अपने वर्कर खड़े किए थे। पीसीआर मुलाजिम आने पर वर्कर ने इशारा किया तो भीड़ साइड कर दी। पीसीआर मुलाजिमों ने स्टोर का शटर गिरा दिया। लेकिन फिर थोड़ी देर बाद दोबारा शटर खोल दिया गया। फिर पीसीआर आई तो दुकानदार ने खुद ही शटर बंद कर दिया। लोगों को आई वॉश करने के लिए पुरा दिन इसी तरह काम चलता है। इसी तरह विश्वकर्मा कॉलोनी में भी मार्केट में लोगों की भीड़ देख 112 पर कॉल की गई। लेकिन पुलिस नहीं पहुंची।



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Claim of police taking responsibility for distribution of ration, black marketing - immediate action on open shops in lockdown


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राशन बांटने, कालाबाजारी रोकने की जिम्मेदारी लेने वाली पुलिस का दावा- लॉकडाउन में खुली दुकानों पर तुरंत करते कार्रवाई राशन बांटने, कालाबाजारी रोकने की जिम्मेदारी लेने वाली पुलिस का दावा- लॉकडाउन में खुली दुकानों पर तुरंत करते कार्रवाई Reviewed by Dibyendu on 17:24 Rating: 5

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