श्री हजूर साहिब से संगत का आना जारी है। रविवार की शाम को 5 लोग माेगा पहुंचे थे। इनकी जांच के बाद सेहत विभाग ने इन सभी को होम क्वारेंटाइन कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को इनमें से दो लोगों के परिवार वालों ने जागरूकता दिखाते हुए अस्पताल में क्वारेंटाइन कराया। ऐसी जागरूरता की ही जरूरत है। इससे ही कोरोना जैसी महामारी से बचा जा सकता है। वहीं, अब तक सेहत विभाग ने हजूर साहिब से लौटे 66 श्रद्धालुओं के सैंपल लेकर फरीदकोट लैब को भेजा है। बताया जा रहा है कि रविवार शाम को भी गांव चुहड़चक के दो लोग हजूर साहिब से लौटे थे। सेहत विभाग ने जांच के बाद घर में क्वारेंटाइन किया था।
66 श्रद्धालुओं के सैंपल फरीदकोट लैब भेजे गए
डाॅक्टर नीलम भाटिया ने बताया कि गांव चूहड़चक के पांच श्रद्धालुओं को एकांतवास में भेजा गया था, उनमें से दो श्रद्धालुओं में कोरोना के लक्षण पाए जाने के शक में सुरजीत सिंह और मलकीत सिंह को इलाज के लिए मोगा भेजा गया है। वहीं अजीतवाल में राधा स्वामी डेरा ब्यास से 20 श्रद्धालु वापस लौटे थे, जिनको एकांतवास में भेज दिया गया है।
400 किमी पैदल चलकर राजस्थान से पहुंचे 4 मजदूर
गांव लंगेआना पुराना के सरपंच सुखदेव सिंह ने बताया कि मेजर सिंह, सुरजीत सिंह, जगतार सिंह और गुरमीत सिंह 5 दिनों में भूखे प्यासे रहते 400 किलोमीटर का रास्ता तय कर हुए अपने-अपने घरों में पहुंचे। ये डेढ़ महीने पहले वहां गए थे। इन लोगों जांच की गई है और अलग रहने को कहा गया है।
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