अमृतसर में वीरवार को कोरोना मरीजों का ‘ब्लास्ट’ हो गया। यहां एक ही दिन में 76 नए मरीज पॉजीटिव पाए गए। ये सभी 26 और 27 अप्रैल को नांदेड़ स्थित हजूर साहिब से सरकारी बसों और निजी वाहनों में अमृतसर पहुंचे थे। जिला प्रशासन ने इन्हें हेल्थ स्क्रीनिंग के बाद घरों में ही क्वारंटाइन कर दिया था, मगर तरनतारन में लौटी संगत में कोरोना के मरीज मिलने के बाद इन्हें एक दिन पहले सरकारी क्वारंटाइन सेंटराें भर्ती कर लिया गया था। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इससे पहले ये दो दिन तक घरों में रहे। इसलिए संक्रमण इनके परिवारों तक पहुंचने का भी खतरा है। कुछ लोग होम क्वारंटाइन के बावजूद घरों के बाहर घूमते रहे। इसलिए इन सभी के संक्रमण की चेन ढूंढने के लिए जिला प्रशासन को युद्ध स्तर पर जुटना होगा। उधर, तरनतारन में भी हजूर साहिब से लौटे 7 लोग पॉजीटिव पाए गए हैं।
नए मरीजों के मिलने के बाद अमृतसर पूरे पंजाब में मरीजों की संख्या के लिहाज से पहले नंबर पर आ गया है। अमृतसर में अब कुल मरीजों की संख्या 90 हो गई है। जालंधर में कुल मरीजों की संख्या 89 है। वीरवार को मिले सभी मरीजों को क्वारंटाइन सेंटरों से गुरु नानक देव अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
26-27 अप्रैल को लौटी संगत को हेल्थ स्क्रीनिंग के बाद भेज दिया घर
ये मरीज अजनाला, मजीठा, रईया, जंडियाला गुरु के साथ-साथ बटाला रोड, पुतलीघर के अलावा विभिन्न इलाकों से है। इसलिए इनके घरों के आसपास के इलाके सील करके सेनिटाइजेशन शुरू कर दी गई है। यह प्रशासन और सेहत विभाग की बड़ी लापरवाही ही रही है कि हजूर साहिब से आए श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग आदि करके उन्हें सीधे घर में ही क्वारंटाइन होने के लिए भेज दिया गया। फिलहाल अब सेहत विभाग अब उन लोगों की सूची बनाने में जुटा हुआ है, जो इन लोगों के संपर्क में आए थे।
सेहत विभाग के लिए इसका डाटा तैयार करना एक बड़ी सिरदर्दी है। एक ही दिन में इतने मरीज आने के बाद प्रशासन और सेहत विभाग के हाथ पांव ही फूल गए है। अब प्रशासन भी सख्ती बरतने की तैयारी में है। इसके लिए प्रशासन लगातार बैठकें कर रहा है। वीरवार रात साढ़े आठ बजे भी अधिकारी बैठक में व्यस्त रहे। डीसी शिवदुलार सिंह ढिल्लों, एडीसी हिमांशु अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ. जुगल किशोर के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी अगली रणनीति बनाने में जुटे रहे।
बिगड़ते हालात में अच्छा संकेत
पॉजीटिव पाए गए सभी लोग पहले से क्वारंटाइन सेंटरों में, इसलिए लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं। सिर्फ उन्हीं लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है, जो इन मरीजों के संपर्क में आए हैं। इसलिए थोड़ा सतर्क रहकर संक्रमण चेन को बढ़ने से रोका जा सकता है। वीरवार तक शहर में 600 के करीब श्रद्धालु पहुंचे हैं। सेहत विभाग ने इन सभी के टैस्ट सैंपल ले लिए हैं।
कोरोना टेस्ट करती डाॅक्टर हुई बेहोश
जलियांवाला बाग मैमोरियल सिविल अस्पताल में मरीज का कोरोना टेस्ट करते हुए एक महिला डॉ. बेबीका बेहोश हो गई। अस्पताल में एक मरीज का कोरोना टेस्ट किया जाना था। इसी दौरान डॉ. बेबीका उनका टेस्ट करने लगी तो वह बेहोश हो गई। इस पर सभी डाॅक्टर इकट्ठा हो गए, जिसके बाद डॉ. बेबीका को वहीं सिविल अस्पताल में दाखिल करना पड़ा।
गंदगी और जूठे बर्तनों को लेकर लोगों का क्वारंटाइन सेंटर में हंगामा
नांदेड़ से वापस आ रही संगत को जिला प्रशासन ने अलग-अलग जगहों पर क्वारंटाइन किया है। ज्यादातर संगत तरनतारन के माता भागो नर्सिंग कॉलेज में है। यहां 269 के करीब संगत को ठहराया गया है। यहां वीरवार दोपहर गंदगी और जूठे बर्तन को लेकर संगत ने हंगामा कर दिया। इन लोगों का कहना था कि उनके जूठे बर्तन नहीं उठाए जा रहे। इनकी बदबू ने उनका सांस लेना भी दूभर किया हुआ है।
उन्होंने अपने सैंपलों की जांच रिपोर्ट में देरी होने का भी आरोप लगाया। हालात यह हो गए कि कॉलेज का गेट तोड़कर सभी कॉलेज के बाहर आने लगे। एसडीएम रजनीश कुमार को मौके पर जाना पड़ा। उन्होंने संगत से सहयोग की अपील की और विश्वास दिलाया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके बाद सारी संगत वापस हाल में पहुंची।
दिलावलपुर में 2 दिन रहा मरीज, पोते से खेलता रहा
गांव दिलावलपुर में 26 अप्रैल को हजूर साहिब से लौटा शख्स दो दिन घर में रहा था। 28 अप्रैल को टेस्ट के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। इससे पहले वह अपने पोते से खेलता रहा। परिवार के साथ मिलता रहा। घर से बाहर भी निकला और लोगों से मेल-मिलाप भी किया। इसलिए दिलावलपुर में संक्रमण का खतरा ज्यादा है।
तीन दिन पहले पॉजीटिव महिला, अब हुई निगेटिव
तरननतारन में मिले 7 नए मरीजों में इनमें तीन महिलाएं हैं। इससे जिले में कुल मरीजों की संख्या 15 हो गई है, जिनमें एक महिला को वीरवार को उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद छुट्टी दे दी गई। बासरके की रहने वाली इस महिला ने 27 अप्रैल को बच्चे को जन्म दिया था। उसी दिन उसका टेस्ट हुआ और अगले दिन में यह पॉजीटिव पाई गई, मगर वीरवार को दोबारा टेस्ट में वह निगेटिव पाई गई।
तरनतारन : नए मरीज पट्टी, सुरसिंह और सरहाली के
तरनतारन के डीसी सभ्रवाल ने बताया कि 251 लोगों में से 141 सैंपलों की रिपोर्ट आ गई है। इनमें से 7 लोगों की रिपोर्ट वीरवार को पॉजीटिव आई है। इनमें कस्बा पट्टी के वार्ड नंबर 3 की सरबजीत कौर (55), हरजीत कौर (54) और वार्ड नंबर-14 का हरजिंदर सिंह (53) शामिल हैं। इसके अलावा गांव दिलावलपुर का मंगल सिंह (50), गांव सुरसिंह की कुलवंत कौर और जतिंदर सिंह तथा गांव ठट्ठा सरहाली का कुलवंत सिंह शामिल हैं।
गुरप्रीत ने कोरोना से लड़ी सबसे लंबी जंग, 41 दिन में ठीक हुआ
गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल गुरु की वडाली के रहने वाले गुरप्रीत सिंह (30) ने आखिरकार 41 दिन बाद कोरोना को हरा दिया। गुरप्रीत देश का पहला मरीज है, जिसने ठीक होने में इतना समय लगा दिया। इससे पहले केरल का एक मरीज 37 दिन में ठीक हुआ था। 41 दिन में उसके पांच टेस्ट हुए। वह मरीज जिले का पहला मरीज था, जो इंग्लैंड से वाया दुबई से होते हुए नई दिल्ली से वाया ट्रेन अमृतसर पहुंचा था। वहीं भाई निर्मल सिंह खालसा के साथी हारमोनियमवादक दर्शन सिंह को भी छुट्टी दे दी गई है। वह फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे। वीरवार को उन्हें भी छुट्टी दे दी गई। भाई दर्शन सिंह (60) दो अप्रैल को अस्पताल में दाखिल किए गए थे। उन्होंने 28 दिनों में ही कोरोना को मात दे दी।
गुरप्रीत ने हिम्मत नहीं हारी : सुजाता शर्मा
मेडिकल कालेज की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा ने कहा कि गुरप्रीत सिंह के लगातार टेस्ट पॉजीटिव आते रहे, लेकिन उन्होंने काेरोना के आगे हार नहीं मानी, इसलिए वह ठीक हो पाए हैं। घर रवाना होने के दौरान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि डाॅक्टरों की ओर से किए इलाज के तहत वह सेहतयाब होकर घर जा रहा है। उन्होंने अस्पताल में हुए इलाज और मानसिक तौर पर मिली ताकत का भी विशेष तौर पर जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी की बदौलत ही वह घर को जा रहे है।
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