लॉकडाउन के बीच शहर भले ही बंद है लेकिन प्राइवेट स्कूलों की ओर से बच्चों को उनके घर तक प्राइवेट पब्लिशर्स की बुक्स पहुंचाई जा रही हैं और इसमें एसेंशियल ग्रॉसरी की डिलीवरी के लिए पाबंद जोमेटो व स्वीगी के जरिए बुक्स-नोट बुक की सप्लाई दी जा रही है।
हालांकि शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों को प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें खरीदने के लिए मजबूर न करने के स्कूलों को कड़े निर्देश दिए गए हैं जिसे प्राइवेट स्कूल पूरी तरह से अनदेखा कर रहे हैं। सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करके अभिभावकों को फीस जमा करने के लिए दबाव बनाने वाले प्रदेश के 37 जबकि बठिंडा के 1 स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी हो चुके हैं।
70 रुपए डिलीवरी चार्ज के साथ महंगा बुक सेट बेचा जा रहा
प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों की ओर से अपने यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों अथवा उनके अभिभावकों को निर्धारित बुक्स शॉप का संपर्क नंबर दिया गया है। बच्चे की स्टडी को लेकर चिंतित अभिभावकों के फोन करने पर बताए गए पते पर जोमेटो अथवा स्वीगी का डिलीवरी ब्वाय किताबों का सेट लेकर पहुंच रहा है। निर्धारित एक दुकान से बुक्स की उपलब्धता की मनोपली के चलते लगभग 650 रुपए की स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर किया गया लेकिन अभिभावकों के एतराज जताने पर अब स्टेशनरी ऑप्शनल कर दी गई है। हाल ही में सातवीं के बच्चे की बुक्स व नोट बुक्स के सेट के 4100 रुपए लिए गए जिसमें 70 रुपए डिलीवरी चार्ज भी जोड़े।
दिखावे के लिए फीस वसूली तक चली ऑनलाइन क्लासेज
प्राइवेट स्कूलों ने लॉकडाउन के बीच 1 अप्रैल से सेशन की शुरुआत करते ऑनलाइन क्लासें लगाने का दिखावा किया। अभिभावकों की शिकायत पर शिक्षामंत्री व जिला प्रशासन की घुड़की के बाद प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों को हाल की घड़ी में अभिभावकों की जेब से फीसें निकलने के आसार दिखाई नहीं दिए तो ऑनलाइन क्लासेज भी रुक गई। स्कूलों को उम्मीद थी कि शायद 14 अप्रैल के बाद वे अभिभावकों से फीसें ले सकेंगे और निर्धारित खास दुकान से वर्दी और किताबें खरीदने के लिए कह सकेंगे लेकिन अब लॉकडाउन की अवधि बढ़ने पर स्कूल प्रबंधकों ने अपने खास बुक्स शॉप को अपने यहां पढ़ने वाले बच्चों की क्लास वाइज लिस्ट सौंप दी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3aMjfFE
via
No comments: