सुजानपुर के 6 साल के कृष्णा की समय पर ऑक्सीजन न मिलने से मौत हो गई। मंगलवार तड़के 4 बजे कृष्णा को सांस लेने में दिक्कत होने पर उसके पिता उपेंद्र झा सुजानपुर से लेकर पठानकोट के अस्पतालों में डेढ़ घंटे तक भागते रहे। सिविल अस्पताल में सांस नली की ब्लॉकेज खोलने के लिए मेडिकल इंस्ट्रूमेंट नहीं मिला। ऑक्सीजन प्रेशर मास्क तक नहीं था। पठानकोट के दो प्राइवेट में भी इलाज नहीं मिला। एक में इमरजेंसी के गेट से लौटा दिया गया कि यहां कोई डॉक्टर नहीं। दूसरे में डॉक्टर चेक करने नीचे ही नहीं आए। अंतत: मासूम ने दम तोड़ दिया।
पीएमओ और सीएम काे ट्वीट कर दी शिकायत
डॉ. धीरज ने बताया कि सुजानपुर सीएचसी की इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं था तो 108 एंबुलेंस से तड़के सुबह 4 बजकर 55 पर पठानकोट सिविल पहुंचे। वे खुद बच्चे को मुंह से सांस देते रहे। इमरजेंसी गेट पर बंद दरवाजे को खटखटाने पर भी कोई नहीं आया तो धक्का मारकर खोला। भीतर दो स्टाफ मेंबर थे। आरोप है कि पाइप डालकर बच्चे के ब्लॉकेज खोलने को कहा तो इंस्ट्रूमेंट नहीं मिला। इसके बाद बच्चे को तीन अन्य अस्पतालों में लग गए लेकिन बच्चे की मौत हुई। इसकी शिकायत पीएमओ और सीएम के ट्विटर अकाउंट पर की है।
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