(रोहित रोहिला)स्वास्थ्य विभाग भी अब पुलिस विभाग की तर्ज पर कोरोना की जंग में सहयोग करने वाले अपने कर्मचारियों को तोहफा देने की तैयारी कर रहा है। विभाग कोरोना से लड़ रहे मरीजों के इलाज में जुटे एक वार्ड ब्वाय से लेकर डॉक्टर तक प्रमोशन एवं एक इंक्रीमेंट देने की तैयारी कर रहा है। इसकी सरकार द्वारा जल्द घोषणा की जाएगी। ऐसा पहली बार होगा जब पंजाब में कर्मचारियों को इस तरह से इंक्रीमेंट देने की तैयारी हो रही है। इसको फाइनल अमलीजामा पहनाने के बाद सरकार इसकी घोषणा कर देगी। इन कर्मचारियों के काम को चार भागों में बांटा गया है।
इनमें एक क्वारेंटाइन, मरीजों की जांच, संक्रमित मरीजों का इलाज और दूसरा जो साफ सफाई का ध्यान रख रहे हैं उन्हें शामिल किया गया है। यह स्टाफ फ्रंट लाइन पर खड़े होकर सीधे कोराेना वायरस के संपर्क में आने के बावजूद उनका इलाज करने में जुटे हैं। जबकि उन्हें भी इस बात का पता है कि इससे यह संक्रमण उनको भी लग सकता है। लेकिन इसकी परवाह करते हुए ही यह कर्मचारी दिन रात एक कर मरीजों का इलाज करने में जुटे हुए है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहा है। ताकि इन कर्मचारियों एवं अधिकारियों का हौसला बढ़ाया जा सके।
मुलाजिमों का मनोबल बढ़ाने की तैयारी
फ्रंट लाइन वारियर्स को कोविड की लड़ाई के बाद प्रमोशन या इंक्रीमेंट देने की तैयारी कर रही है। विभाग के अधिकारियों का मानना है की कोविड की लड़ाई में यह मुलाजिम सबसे आगे की लाइन में खड़े होकर लडाई लड रहे है। जबकि इनकों को संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए विभाग इनके लिए भी कुछ करना चाहता है।
डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ का कितना हो इंक्रीमेंट अभी तय नहीं हुआ
डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ को इंक्रीमेंट देने को लेकर विभाग के अधिकारियों की मीटिंग हो चुकी है। लेकिन तय नहीं हो पाया कि कितने फीसदी इंक्रीमेंट दी जाए। अभी एक और मीटिंग होनी है और इसके बाद पूरा खका तैयार करने के बाद मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के पास भेजा जाएगा।
कैबिनेट मंजूरी की भी पड़ेगी जरूरत
इन कर्मचारियों के वेतन में इंक्रीमेंट को लेकर मंत्री की मंजूरी के बाद वित्त विभाग के पास एस्टीमेट भेजा जाएगा। इसे कैबिनेट में भी रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही इंक्रीमेंट या प्रमोशन देने की घोषणा कर दी जाएगी। ज्यादातार लोग इसे बढ़ाने के पक्ष में हैं।
फ्रंट लाइन पर सेवा दे रहे मुलाजिम ही होंगे सूची में...कोरोना
वायरस को लेकर मैदान में उतरे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की एक लिस्ट तैयार की जाएगी। जोकि इस समय सीधे मैदान में उतर कर मरीजों का इलाज कर रहे हैं और कई कई दिनों से अपने घरों तक को नहीं जा पा रहे हंै। इस लिस्ट के तैयार होने के बाद इनकी सूची सरकार को भेज दी जाएगी।
कहां-कितनी सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की संख्या
सूबे में सरकारी अस्पतालों, डिस्पेंसरियों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 15 हजार से अधिक मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ है। मौजूदा समय में विभाग में मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा 379 सीनियर मेडिकल अफसर, 3 हजार 142 मेडिकल अफसर, 285 डेंटल डॉक्टर, 2 हजार 975 फार्मासिस्ट, 2 हजार 506 स्टाफ नर्स, 795 महिला हेल्थ विजिटर्स, 3 हजार 631 सहायक नर्स, 178 रेडियोग्राफर, 200 नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं 1 हजार 55 लैबोट्ररी टेक्नीशियन हैं।
- कोविड के खिलाफ फ्रंट लाइन में खड़े स्वीपर से लेकर डॉक्टर तक को प्रमोशन एवं इंक्रीमेंट का प्रपोजल है। ताकि इनका भी हौंसला बढ़े। इसे सीएम की मंजूरी मिलने के बाद लागू कर दिया जाएगा। -बलबीर सिंह सिद्धू,स्वास्थ्य मंत्री
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