हमने लापरवाहियां तो बहुत कीं और लगातार कर भी रहे हैं, फिर भी लॉकडाउन के 38 दिन 4 घंटे की आजादी मिल गई है। रोजमर्रा की जरूरतों की हाेम डिलीवरी कर रहीं पहले से मंजूरशुदा दुकानें अब काउंटर सेल भी कर सकेंगे। सुबह 7 से लेकर 11 बजे तक ही। लोग इन पर जाकर सामान खरीद सकेंगे, लेकिन कुछ नियम शर्तों का पालन करना होगा। उल्लंघन की स्थिति में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसी तरह से गेटेड कॉलोनियों के अंदर, रेजिडेंशियल कॉलोनियों, बेहड़ों में भी इक्का दुक्का दुकानें खुल सकेंगीं। सभी को कोरोना के संक्रमण से बचाव को लेकर जारी तमाम दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। कंटेनमेंट एिरया या हॉटस्पाट में ऐसी कोई मंजूरी नहीं दी गई है।
निर्माण के रुके व नए प्रोजेक्ट शुरू करने को मंजूरी, ग्रामीण इलाकों के लिए भी सहूलियतें
1. सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक अपने आसपास की दुकान तक जरूरत का सामान लेने के लिए हर परिवार से सिर्फ एक ही मेंबर जा सकेगा, वो भी पैदल।
2. उसके चेहरे पर मास्क, हाथ में ग्लब्स होना जरूरी, हर दुकानदार को अपनी दुकान के आगे दो 2 मीटर का गोल चक्कर बनाना होगा, भीड़ इकट्ठी होने से रोकना होगा।
4. आम लोगों काे सुबह के इन चार घंटों में निकलने के कोई पास की जरूरत नहीं होगी। लेकिन यह छूट केवल जरूरी सामान खरीदने के लिए हैं, किसी और मकसद से निकलने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
6. सुबह 11 बजे के बाद से शाम 7 बजे तक दुकानदार होम डिलीवरी कर सकेगा। काम करने वाले हर वर्कर को मास्क, गलब्स पहनना सुनिश्चित करना होगा।
7. गेटेड कॉलोनियों, सोसाइटीज, रेजिडेंशियल कॉलोनियों, बेहड़ों में भी स्थित रोजमर्रा की जरूरतों वाली इक्का-दुक्का दुकानें, जिनके अगल-बगल कोई और दुकान नहीं हैं, भी तय समयसीमा व नियमों के तहत खुल सकेंगी।
8.शॉपिंग माल्स, शॉपिंग-मार्केट कॉम्प्लेक्स, बाजार में स्थित दुकानें, रेस्टोरेंट, शराब ठेके-अहाते, नाई की दुकानें, सैलून-पार्लर, दो या उससे अधिक फ्लोर वाले मार्केट फिलहाल अभी बंद ही रहेंगे। बस, जरूरी वस्तुओं के होलसेल मार्केट सुबह 11 बजे के बाद खुल सकेंगे
9.ग्रामीण इलाकों में भी दुकानें काउंटर सेल के लिए सुबह 7 से 11 बजे तक खोली जा सकेंगी, यहां भी लोगों का पैदल ही जाना होगा। देहात एरिया में भी स्थित शॉपिंग माल्स को खोलने की अनुमति नहीं होगी।
10.अब सभी तरह के निर्माण किए जा सकेंगे। ग्रामीण इलाकों में कोई भी रुका या नया निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। लेबर अगर उसी गांव की है तो किसी पास की जरूरत नहीं होगी, यदि बाहर से आती है तो सब डिवीजन के एसडीएम पास जारी करेंगे। निर्माण प्रोजेक्ट्स में प्राइवेट, रेजिडेंशियल, कॅमर्शियल शामिल हैं।
11. बस कॉन्ट्रैक्टर को यह सुनिश्चित करना होगा कि लेबर साइट पर ही रहे निर्माण संबंधी कार्य शुरू करने के लिए acgludhiana@gmail.com पर अप्लाई किया जा सकता है। इसमें लेबर की डिटेल व अन्य ब्योरा देना है।
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