दिल्ली से पार्सल ट्रेन में मंगवाई ट्रामाडोल की 4 लाख टैबलेट भगतांवाला में ट्रांसपोर्टर के गोदाम से पुलिस ने पकड़ी, खेप लेने पहुंचा कैमिस्ट खिसका
सीआईए स्टाफ पुलिस ने ट्रांसपोर्टर के गोदाम में छापेमारी करके प्रतिबंधित ट्रामाडोल साल्ट की 4 लाख गोलियां बरामद की हैं। इन टैबलेट्स को नशेड़ी नशे की पूर्ति के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस खेप को कोरोना के मद्देनजर लगे लॉकडाउन के बीच असंेशियल गुड्स के चलाई जा रही पार्सल ट्रेन के जरिए मंगवाया गया था। लॉकडाउन की सख्ती के बीच इनका शहर में पहुंचना हैरानजनक है। इस बरामदगी के मामले में थाना गेट हकीमां पुलिस ने नवल सूद निवासी धारीवाल और मुकेश के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी नवल सूद का धारीवाल में मेडिकल स्टोर है। यह माल असेंशियल ट्रेन सर्विस के जरिए मंगवाई गई थी, जिसे आगे सप्लाई किया जाना था।
26 अप्रैल को लाई गई खेप, शहर के नशेड़ियों तक पहुंचानी थी गोलियां
सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी नवल सूद निवासी धारीवाल और मुकेश यादव अमृतसर नशीली दवाइयों के धंधेबाज हैं। वहीं गोल्डन दीप इंटरप्राइज भगतांवाला के मालिक हरमिंदर सिंह किंग के माध्यम से शहर के कई व्यापारी दिल्ली से हार्डवेयर और मनियारी का सामान मंगवाते हैं। दोनों आरोपी इस सामान की आड़ में नशीली दवाइयां मंगवाते हैं। आरोपियों ने 26 अप्रैल को असेंशियल ट्रेन सर्विस (जरुरी वस्तुओं के लिए रेल सेवा) के जरिए भारी मात्रा में नशीली दवाइयां मंगवाई हैं और लॉकडाउन के दौरान इस खेप की सप्लाई करने की तैयारी कर रहे हैं।
यदि पुलिस गोल्डन दीप इंटरप्राइज के गोदाम की चेकिंग कर तो भारी मात्रा में नशीली दवाइयां मिल सकती हैं। इसके बाद पुलिस आरोपियों के माल की डिलीवरी लेने आने का इंतजार करती रही लेकिन जब वे लोग नहीं आए तो मंगलवार शाम को गोदाम में छापेमारी करके गोलियों के 8 डिब्बे बरामद किए गए। इस दौरान गोदाम के गेट के बाहर मौजूद एक व्यक्ति पुलिस को देखकर फरार हो गया। सीआईए इंचार्ज के मुताबिक ट्रामाडोल इंजेक्शन किसी अन्य दवाइयों के बिल की आड़ में मंगवाए गए थे। मामले की जांच की जा रही है, ट्रांसपोर्टर ने दवाइयां मंगवाने वालों के नाम और बिल पुलिस को सौंप दिए थे। आरोपियों ने ये माल इस ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजने को कहा था।
दिल्ली की फैक्टरी के मालिकों की भूमिका भी जांच के घेरे में
ट्रांसपोर्टर किसी पार्टी का माल नहीं खोल सकते, ट्रांसपोर्टर के मुताबिक उसने आरोपियों को सामान ले जाने के लिए कहा था। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच के दौरान दिल्ली की फैक्टरी मालिकों के रोल की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा ट्रांसपोर्टर के रोल की भी जांच होगी।
विभागीय मंजूरी के बाद भी कैमिस्ट 500 से ज्यादा गोलियां नहीं रख सकता
पंजाब फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के आदेशों के मुताबिक कैमिस्ट संबंधित जोनल लाइसेंसिंग अथारिटी के पास ऑनलाइन एप्लीकेशन सबमिट करके मंजूरी मिलने पर एक समय पर हर ब्रांड की 500 गोलियां/कैप्सूल रख सकता है। इसी तरह से स्टाकिस्ट/डिस्ट्रिब्यूटर 5000 और क्रेडिट एंड फारवर्डिंग एजेंट एक समय पर हर ब्रांड की मिलाकर 50 हजार टेबेल्ट्स/कैप्सूल रख सकता है। वहीं इसकी मंथली स्टाक/सेल स्टेटमेंट संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर को सबमिट करनी होगी।
पुलिस की छापेमारी में ड्रग इंस्पेक्टर गवाह के तौर पर रहा मौजूद
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। डिपार्टमेंट की तरफ से ड्रग इंस्पेक्टर रोहित शर्मा को भेजा गया था, जो कि गवाह के तौर पर गए थे। यदि किसी लाइसेंसधारक के प्रिमसेस पर कार्रवाई हो तो फिर डिस्ट्रिक्ट कंपिटेंट आफिसर के साथ जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी को भी जाना होता है। पुलिस की सूचना पर ड्रग इंस्पेक्टर को वहां भेजा गया था। -कर्ण सचदेवा, जोनल लाइसेंसिंग अथाॅरिटी
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2yXOjVz
via
No comments: