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शहर में 10 कलस्टर, सेक्टर मजिस्ट्रेट को जिम्मेदारी, एरिया में ही रहेंगे एनजीओ


अखिरकार शहर को क्लस्टर में विभाजित कर एनजीओ को लोगों को भोजन करवाने की जिम्मेदारी देने का काम नगर निगम ने गंभीरता से लागू करवाना शुरू कर दिया है। शहर में पहले पहल एक एरिया में ही दो से तीन एनजीओ के भोजन की डिलीवरी के लिए जाने के चलते बार-बार ओवरलेपिंग होने के अलावा राजनीतिक हस्तक्षेप होने के बाद एक बारगी 25 मार्च को देर रात पास रद्द किए जाने के बाद से शहर में समाजसेवी में जुटीं एनजीओ में काफी हड़कंप मच गया था। राजनीतिक हस्तक्षेप को इसका कारण बताए जाने तथा कांग्रेस व बुद्धिजीवियों द्वारा प्रशासन के इस कदम का विरोध करने के बाद हालांकि इस पर एक्शन रोक दिया गया था, लेकिन अब नगर निगम कमिश्नर ने प्रशासन की योजना अनुसार शहर के 50 वार्डों को 10 क्लस्टर में विभाजित कर हर क्लस्टर के ऊपर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्त कर दी है जो अपने अधीन आते पूरे वार्डों की हर जरूरत का ख्याल रखेगा तथा इसके बारे में अपने सीनियर अधिकारियों को अपडेट करेगा। वहीं एनजीओ की एरिया भी मार्क किया जा रहा है तथा वह दूसर एरिया में भोजन देने नहीं जाएंगे। करीब 9 दिनों बाद अब जाकर इस सिस्टम को गंभीरता से पालना करने का काम शुरू कर किया गया है जिससे एनजीओ को भी राहत मिलेगी तथा प्रशासन को मॉनीटरिंग करना आसान हो जाएगा। इस बाबत डीसी बठिंडा बी. श्रीनिवासन ने कहा कि शहर को क्लस्टर में कुछ दिन पहले ही बांट दिया गया था तथा अब इसे लागू करने का काम कमिश्नर नगर निगम कर रहे हैं।

5 वार्डों का एक कलस्टर बनाया है, जरूरतों पर नजर रखेगा सेक्टर मजिस्ट्रेट


शहर में कुल 50 वार्डों को इस समय 10 क्लस्टर में विभाजित कर उसके ऊपर एसडीओ से लेकर एसई स्तर के 10 निगम अधिकारियों की डयूटी लगा दी गई है जिनकी जिम्मेदारी अपने अधीन आते वार्डों में दूध, भोजन, दवाएं, फ्रूट, सब्जी आदि की जरूरतों को चैक करना तथा उनकी उपलब्धता वहां बनाए जाना यकीनी बनाएंगे। अगर वार्ड में किसी तरह की दिक्कत आती है तो वह इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदारी होंगे तथा किसी तरह की परेशानी के समय में वह अपने अधिकारियों को सूचित करने के साथ तुरंत एक्शन को भी सक्षम होंगे।


शहर में 23 मार्च से कर्फ्यू लागू होने के बाद शहर में एनजीओ के लोगों की मदद में जुटना जहां एक सकारात्मक कदम था, वहीं कोरोना जैसी महामारी में अधिक लोगों की सड़क पर मौजूदगी घातक हो सकती थी। इसी का लाभ लेकर सत्तापक्ष के कुछ लोगों ने प्रशासन पर दबाव बना 25 मार्च की देर रात सभी पास रद्द करवा सभी एनजीओ को दुविधा में डाल दिया। शहर में इस बात का विरोध बढ़ता देखकर एक बारगी तो प्रशासन ने 31 मार्च तक उन्हें काम को मंजूरी दी, लेकिन क्लस्टर में काम करवाने में अधिकारी कामयाब नहीं हो सके। अब 1 अप्रैल से शहर में क्लस्टर सिस्टम लागू कर एरिया बांटने का काम कमिश्नर निगम ने योजना अनुसार शुरू कर दिया है तथा अब वाहनों के साथ दो से तीन लोगों को डयूटी दी गई है। जानकारी के अनुसार अगर कोई एनजीओ अपना एरिया छोड़ दूसरे एरिया में मूव करता है तो उसके खिलाफ प्रशासन कार्यवाही कर सकता है।


एनजीओ को एरिया मार्क करके दिया जाना है

शहर को क्लस्टर में विभाजित करने का काम कमिश्नर निगम ने पूरा कर लिया है। इसमें एनजीओ को एरिया मार्क करके दिया जाना है।
बी. श्रीनिवासन, डीसी, बठिंडा

एनजीओ की कार पर डयूटी व एरिया तय



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शहर में 10 कलस्टर, सेक्टर मजिस्ट्रेट को जिम्मेदारी, एरिया में ही रहेंगे एनजीओ शहर में 10 कलस्टर, सेक्टर मजिस्ट्रेट को जिम्मेदारी, एरिया में ही रहेंगे एनजीओ Reviewed by Dibyendu on 19:19 Rating: 5

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