3 अगस्त सोमवार को राखी बांधने और सावन के उद्यापन करने का शुभ समय है। इस दिन भद्रा, प्रातः 9 बजकर 29 मिनट तक है। इसके बाद ही रक्षा बंधन का शुभ समय शुरू होगा। फिर संपूर्ण समय भद्रा रहित और शुभ रहेगा।
सावन के व्रत का उद्यापन प्रातः 9:30 बजे के बाद: ज्योतिषाचार्य मदन गुप्ता कहते है कि मास की समाप्ति 3 अगस्त सोमवार के दिन ही है। 3 अगस्त को सावन के अंतिम सोमवार को विशेष पूजा का विधान है। इस दिन स्नान के बाद गंगाजल से पूजा स्थान को शुद्ध करें। इसके बाद पूजा शुरू करें और व्रत का संकल्प लें। भगवान शिव का अभिषेक करें, दान दें। क्रोध और हर प्रकार की बुराइयों से बचना चाहिए। शुभ मुहूर्त: 3 अगस्त को पूर्णिमा की तिथि है। प्रातः 9:30 मिनट के बाद ही उद्यापन करें। व्रत का समय पूरा होने के बाद प्रभु स्मरण के साथ जो अंतिम पूजा की जाती है।
रक्षाबंधन पर थाली में होनी चाहिए ये 7 चीजें
सौभाग्य, प्रेम, समृद्धि और रक्षा के इस त्योहार पर पूजा की थाली में 7 महत्वपूर्ण चीजें होनी आवश्यक हैं। रक्षाबंधन की थाली में चंदन, अक्षत, श्रीफल, कलश, दीपक, रक्षासूत्र और मिठाई जरूर होनी चाहिए। राखी बांधने से पहले भाई को चंदन का तिलक लगाया जाता है, जिससे पापों का नाश होता है और ग्रहों की शांति भी होती है।
इसके बाद अक्षत लगाने से सकारात्मकता और सौभाग्य बढ़ता है। श्रीफल से समृद्धि मिलती है। मिठाई से रिश्ते में प्रेम बना रहता है। रक्षासूत्र से अच्छा स्वास्थ्य मिलता है। दीपक से दृढ़ संकल्प और रिश्ते में पवित्रता आती है। वहीं कलश में देवताओं का वास मना जाता है। शास्त्रों के अनुसार ये सात चीजें महत्वपूर्ण हैं।
कोरोना की वजह से दूर हैं तो ऐसे बांधें राखी...इस वर्ष काेराेना के कारण कई भाई-बहन एक दूसरे से दूर ही राखी का त्योहार मनाने को बाध्य हैं। बीमारी ना फैल जाए इसके डर से राखी भेजने से भी कतरा रहे हैं। ऐसे में राखी का त्योहार अधिकांश जगहाें पर ऑनलाइन भी मनाया जाएगा, लेकिन ये भी एक खास विधि के साथ करें। भाई-बहन जब एक दूसरे को वीडियो कॉल करें तो बहनें कृष्ण भगवान की तस्वीर सामने रखकर उन्हें राखी बांधे, मिठाई खिलाएं। भगवान का आशीर्वाद दोनों भाई-बहनों को समान रूप से मिलेगा।
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