पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल अमरजोत सिंह सिद्धू ने अपने वकील के जरिए प्रिंसिपल सेक्रेटरी सतीश चंद्रा, निगम कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल और नहरी महकमे के एसई को लीगल नोटिस भेजा है। उनका आरोप है कि लुधियाना खासकर सराभा नगर और लगते इलाके हीरो बेकरी चौक से लेकर फिरोजपुर रोड तक सरकारी और नहरी महकमे की करोड़ों की जगह पर हो चुके कब्जे छुड़ाने के संबंध में कई बार शिकायत किए जाने पर भी करवाई नहीं की गई।
25 अगस्त को भेजे नोटिस में उन्होंने हाईकोर्ट के 21 अक्टूबर 2008 को सीडब्ल्यूपी 4886-2003 में दिए गए आदेश का पालना करने को कहा है। इसमें कोर्ट ने निगम को पब्लिक लैंड के कब्जे 6 महीने में खत्म करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर कोई समाजसेवी कब्जा देखता है और वो नहीं हटाया जा रहा है। निगम मुलाजिमों की मिलीभगत है तो वो अदालत में निगम के खिलाफ अवमानना केस दायर कर सकता है।
उन्होंने नोटिस में चेताया कि अगर एक महीने के अंदर कार्रवाई नहीं होती तो वे हाईकोर्ट के हुक्मों की अवमानना का केस दर्ज करवाएंगे। एडवोकेट सिद्धू ने निगम पर आरोप लगाए कि हाईकोर्ट के हुक्मों के तहत दो मॉनिटरिंग कमेटियों का गठन करना था, लेकिन निगम ने ये कमेटियां सिर्फ कागजों में बनाई है, जबकि जमीनी स्तर पर इन कमेटियों की कोई कार्यशैली नजर नहीं आती।
हुक्मों के तहत निगम को कब्जों पर करनी है ये कार्रवाई
- प्रदेश सरकार कब्जों को हटाने के लिए पॉलिसी तैयार करे, अगर पब्लिक लैंड पर सरकारी एजुकेशन संस्थान, अस्पताल, पुलिस स्टेशन का कब्जा है, इन सरकारी संस्थानों के कब्जों को छुड़ाने के लिए प्राइवेट कब्जाधारियों पर बनते तरीके से कार्रवाई हो।
- राज्य सरकार प्राइवेट कब्जाधारियों के कब्जों को पक्का नहीं कर सकती।
- सिविल कोर्ट को निर्देश दिए जाते हैं कि अवैध कब्जे वाले केस के दो साल में तय किए जाए।
- निगम पब्लिक लैंड के कब्जे 6 महीने में खत्म करेगी।
- प्रदेश की नगर निगम कब्जों को हटाने के लिए इंफोर्समेंट मॉनिटरिंग कमेटी का गठन करे और समय-समय पर निगम कमिश्नर को स्टेट्स रिपोर्ट दें।
- निगम लोगों को इस मुहिम से जोड़े, एनजीओ, सिटीजन की मदद से विजिलेंस कमेटी बनाई जाए, जो लोग कब्जों के संबंध में खुद नगर निगम को जानकारियां दे सकें।
कब्जे हटाने को कई बार की गई थी शिकायत
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के हुक्मों के बावजूद निगम ने कब्जे नहीं हटाए। कब्जे हटाए बिना स्मार्ट सिटी के तहत 23 करोड़ रुपए खर्च कर मल्हार रोड पर स्मार्ट रोड बनानी शुरू कर दी। सरकारी वकील सिद्धू ने बताया कि नहरी महकमे और निगम को हीरो बेकरी चौक से लेकर सतपाल मित्तल रोड पर कब्जे हटाने को कई बार शिकायत की।
सिद्धू ने बताया कि पहले यहां से सुआ निकलता था और नहरी विभाग की करोड़ों की जगह पर कब्जा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार जानकारी दिए जाने के बावजूद निगम ने कब्जा नहीं हटवाया है। तंग आकर उन्होंने निगम को लीगल नोटिस भेजा है कि हाईकोर्ट के हुक्मों के मुताबिक जानकारी देने के बावजूद कब्जा न हटवाना कोर्ट की अवमानना के अंदर आता है। वो कब्जा न हटाए जाने पर अवमानना का केस करेंगे।
बिल्डिंग ब्रांच से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई करेंगे
हमारे पास अभी नोटिस की काॅपी नहीं पहुंची है। अगर नोटिस मिलेगा तो उसका जवाब लिखकर भेज दिया जाएगा। कब्जों के संबंध में उन्हें अभी जानकारी नहीं है, इसकी रिपोर्ट बिल्डिंग ब्रांच से लेकर जो कार्रवाई बनती होगी, वो की जाएगी। -प्रदीप कुमार सभ्रवाल, निगम कमिश्नर
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