पिछले दिनों मजीठा रोड के एक निजी अस्पताल में काम करने वाली स्टाफ नर्स ज्योति विलियम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अल्पसंख्यक आयोग के दखल के बाद गरमा गया है। आयोग के चेयरमैन प्रो. इमैनुअल नाहर ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीजीपी पंजाब को लिखा है। बताते चलें कि खेमकरण निवासी ज्योति का शव 16 अगस्त को अस्पताल में मिला था। स्टाफ नर्स के रूप में काम करने वाली ज्योति के शरीर पर चोटों के निशान थे। उस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने मामले को रफा-दफा करने की भी कोशिश की थी, लेकिन अब इस मामले में आयोग की दखल के बाद नया मोड़ आ गया है।
प्रो. नाहर ने ज्योति के घरवालों को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया और कहा कि दोषियों को जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। उनका कहना है कि उन्होंने इस मामले पर जिले के पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल से भी बात ही है। उनकी आेर से जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन कर दिया गया है। उक्त एसआईटी में एडीसी, एसीपी, एसएचओ को शामिल किया गया है, जिसकी रिपोर्ट आनी है। नाहर का कहना है कि यह अल्पसंख्यकों पर अत्याचार है। इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। वह पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाए बिना पीछे नहीं हटेंगे।
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