अकाल तख्त काे समर्पित सिख संस्थाओं और शख्सियतों के सांझा मंच पंथक तालमेल संगठन ने एसजीपीसी की ओर से गायब पावन स्वरूपाें की कार्रवाई काे अधूरा बताया है। संगठन के संयोजक तख्त दमदमा साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी केवल सिंह, सह संयोजक जसविंदर सिंह एडवाेकेट ने कहा मामले की रिपाेर्ट सार्वजनिक न होने तक मामला समझा नहीं जा सकता।
बड़ा सवाल यह है कि 328 स्वरूप कहां और किस हालत में हैं? केवल मुलाजिमाें काे दोषी ठकराकर मामले काे दिशाहीन किया जा रहा है, जबकि कार्यकारिणी काे बरी नहीं किया जा सकता। आरोपियों पर कार्रवाई की गई है। सजा का क्या पैरामीटर अपनाया गया यह स्पष्ट नहीं? अगली कार्रवाई के लिए सब कमेटी के गठन पर संगठन ने कहा कि जाे हालात हैं उसके आधार पर दाेषी बताए गए लोगों पर सीधा पर्चा हाेना चाहिए। जब मामला सामने अाया था ताे शिराेमणि कमेटी ने इसकाे झूठा विवाद बताया था। जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी क्लैरीकल मिस्टेक बताया था। यह बताएं किसके इशारे पर पंथ संग यह खेल खेला गया है।
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