अप्रूवल न होने से एसडीएम दफ्तर में अटके 2800 डीएल, कुछ फाइलें लॉकडाउन से पहले की भी पेंडिंग, आवेदक चक्कर काट हो रहे परेशान
एसडीएम के तहत आते चंडीगढ़ रोड स्थित ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में लाइसेंस बनवाने के लिए आने वालों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इसका कारण समय पर फाइलों पर साइन न हो पाना। कोविड-19 के कारण स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। आवेदक जैसे-तैसे जद्दोजहद कर स्लॉट बुक करवाता है। फोटो और टेस्ट होने के बाद 10 से 15 दिन में लाइसेंस जारी करने का प्रावधान है। मगर लाइसेंस समय पर बनवाकर देना तो दूर की बात, फाइलें अप्रूव नहीं की जा रही। कई फाइलें फरवरी-मार्च से पेंडिंग हैं।
जानकारी के मुताबिक एसडीएम दफ्तर में पिछले डेढ़ महीने से न फाइलें अप्रूव की गई हैं और न ही साइन। इसकी पेंडेंसी पिछले करीब डेढ़ माह से करीब 2800 पहुंच चुकी है। वहीं, लॉकडाउन से पहले एक दिन में 300 लाइसेंस बनते थे, जबकि इस समय पहले के मुकाबले काम बहुत कम हो रहा है। तब भी समय पर निपटारा करना मुश्किल हो गया है। उधर, क्लर्क रजिंदर कौर ने बताया कि एसडीएम के पास फाइलें अप्रूव होने गई हैं। जल्द ही अप्रूव करवा लाइसेंस लोगों को दिए जाएंगे।
ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर क्लर्क न होने से मुलाजिम भी तंग
चंडीगढ़ रोड पर क्लर्क न होने से आवेदक परेशान हैं। वहीं, ट्रैक पर काम कर रहे मुलाजिम भी तंग हैं, क्योंकि फाइलें साइन और अप्रूवल के लिए मिनी सेक्रेटेरिएट में एसडीएम ऑफिस आना पड़ता है। दूसरी तरफ आवेदक मुलाजिमों से लाइसेंस न बनने के बारे में पूछते हैं। इस पर उनके पास एसडीएम दफ्तर में जाकर पूछताछ करने के अलावा जवाब नहीं होता।
वहीं, क्लर्क नीलम पिछले काफी समय से चंडीगढ़ रोड ट्रैक पर सेवाएं दे रही थीं। 25 फरवरी को वह छुट्टी पर चली गई। इसके बाद क्लर्क का चार्ज एसडीएम दफ्तर में स्टेनो को दे दिया गया। दो दिन ट्रैक बैठने से एसडीएम दफ्तर का काम प्रभावित हो रहा था तो उन्होंने एसडीएम ऑफिस में ही फाइलें मंगवाना शुरू कर दिया। अब लोग चंडीगढ़ रोड एसडीएम दफ्तर में सिर्फ लाइसेंस पूछने आ रहे हैं कि उनका लाइसेंस बना या नहीं। आरटीए ऑफिस के तहत आते ड्राइविंग टेस्ट सेंटर की तरह यहां भी क्लर्क का होना जरूरी है, ताकि समय पर लोगों का काम हो सके।
आवेदक बोले- नहीं हो रही हमारी सुनवाई
शिमलापुरी के रघुवीर सिंह ने बताया कि लाइसेंस रिन्यू करवाया था। मुश्किल से जून में स्लॉट बुक हुआ और फोटो करवाई। अब लाइसेंस के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जवाब मिलता है कि अप्रूवल के लिए फाइल पेंडिंग है, उसके बाद ही लाइसेंस मिलेगा। काकोवाल रोड के कुलदीप सिंह ने बताया कि फरवरी में लाइसेंस के लिए टेस्ट सेंटर पर फोटो करवाकर टेस्ट दिया था। अभी तक लाइसेंस नहीं मिला है। लाइसेंस लेने जाते हैं तो उसे कहा जाता है कि फाइल अप्रूवल के लिए एसडीएम ऑफिस गई है।
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