भुट्टीवाला गांव में सैंपल लेने गई टीम का विराेध, ग्रामीण बाेले: जब हमारे अंदर काेराेना के लक्षण दिखेंगे ताे खुद करवाएंगे टेस्ट
भुट्टीवाला गांव में काेराेना सैंपल लेने गई टीम का ग्रामीणाें ने विराेध किया और सैंपल देने से इनकार कर दिया। जानकारी के अनुसार गांव भुट्टीवाला के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से कोरोना सैंपल लेने के लिए कैंप लगाया गया था, जिसमें विभाग के डॉक्टर सैंपल लेने के लिए पहुंचे थे, लेकिन वहां एकत्रित हुए सरायनागा, वडिंग व हराज गांव के 400 लोगाें ने इसका विरोध करते हुए सैम्पल देने से इनकार कर दिया।
लोगों का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग जबरदस्ती उनके सैम्पल नहीं ले सकता। इस संबंधी भारतीय किसान यूनियन के ज्ञान सिंह भुट्टीवाला, करन सिंह ने बताया कि काेराेना टेस्ट करवाने की काेई जरूरत नहीं, क्योंकि यहां के लाेग स्वस्थ हैं। इसलिए वह टेस्ट नहीं करवाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति में कोरोनावायरस का काेई लक्षण दिखा ताे वह खुद अपना टेस्ट करवाएगा, लेकिन वह धक्के से किए जा रहे टेस्ट का विराेध करते हैं। वहीं गांव के सरपंच ने अपने परिवार सहित 20 लाेगाें का टेस्ट करवाए जिनमें 2 गभर्वती महिलाएं भी शामिल थीं।
सरपंच के परिवार समेत 20 लोगों ने कराया टेस्ट, इनमें 2 गभर्वती महिलाएं
गांव भुट्टीवाला के सैम्पल लेने आई टीम का जहां गांव के एक वर्ग ने विरोध किया वहीं सरपंच व नंबरदारों सहित कुछ लोगों ने कोरोना के टेस्ट करवाने को जरूरी बताते हुए अपने व अपने परिवार के टेस्ट करवाए, जिनमें गांव के सरपंच नंबरदार व सरकारी कर्मचारियों के परिवारिक के 20 सदस्यों शामिल हैं। उन्होंने दूसरे लोगों से भी अपील की है कि कोरोना का टेस्ट जरूर करवाएं।
पॉजिटिव मरीज डर के मारे हार्टअटैक से मर जाता है, विभाग उसे कोरोना से मौत बताता है
गांव के सरपंच ने लोगों से अपील की कि सभी लोग कोरोना के टेस्ट करवाएं। वहीं एकत्रित हुए लोगों का कहना था कि इन मशीनों के टेस्ट 100 प्रतिशत सही नहीं आते, परंतु यदि कोई कोरोना पॉजिटिव आ जाता है वह कोरोना से नहीं मरता, परंतु कोरोना के डर से हार्टअटैक से मर जाता है और सेहत विभाग की ओर से उसकी मौत कोरोना की वजह से बताई जाती है।
उन्होंने मांग की है कि अगर उनके गांव का कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव आता है तो प्रशासन उसे गांव के ही किसी स्कूल या गुरुद्वारे में क्वारेंटाइन कर उपचार करें, नहीं तो वह अपने लेवल पर ही मरीज को गांव में ही क्वारेंटाइन कर उपचार करवाएंगे। सिर्फ सियासी मरीज को ही अस्पताल लाया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बिना लक्षण वाले लोगों के टेस्ट कर लोगों में डर का माहौल न बनाया जाए।
सैंपल देने से मना करने पहुंची पुलिस, लोगों को कराया शांत
एसएचओ अंग्रेज सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि पुलिस पार्टी ने मौके पर पहुंचकर माहौल को शांत करवाया व एकत्रित लोगों को भरोसा दिया कि लोगों की सहमति से ही सैम्पल लिए जाएंगे। एसएमओ दोदा डॉ. रमेश कुमारी कंबोज ने कहा कि गांव में कुछ व्यक्तियों ने कोरोना टेस्ट संबंधी गलत अफवाह फैला दी, जिस कारण यह माहौल बन गया।
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