सिटी में बढ़ रहे कोरोनावायरस के प्रभाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने ऐसे मरीजों का दोबारा कोविड टेस्ट लेने पर पाबंदी लगा दी, जिनका इलाज अस्पताल में बीते 10 दिन या इससे अधिक समय से चल रहा है। प्रशासन द्वारा कहा गया है कि जिस डेट में मरीजों का सैंपल लिया गया है, उस डेट को बाकायदा फाइल पर अंकित किया जाए। यह फैसला अवैध वसूली को लेकर लोगों की हर दिन मिल रही दर्जनों शिकायतों के बाद लिया गया है।
डीसी घनश्याम थोरी ने प्राइवेट अस्पतालों में कोविड से प्रभावित मरीजों के लिए बढ़िया तालमेल और कोविड-19 महामारी से बचने के लिए प्रबंधों को मजबूत करने वाली विशेषज्ञों की समिति की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जारी निर्देशों अनुसार एक बार जो मरीज 10 दिन तक प्राइवेट स्वास्थ्य संस्थाओं में इलाज अधीन चल रहा है, उस मरीज का दोबारा कोविड टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। यदि जरूरत पड़े तो मरीज को होम आइसोलेशन के लिए भेजा जा सकता है। यहां सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. अनु, आईएमए प्रधान डॉ. नवजोत दाहिया प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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