जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को अपनी बिना योजना के जारी स्कीमों से लगातार करोड़ों रुपए का नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही लोगों में फजीहत भी बढ़ती जा रही है। ऐसे ही एक मामले में ट्रस्ट के चेयरमैन के गैर-जमानती वारंट निकलने के बाद ट्रस्ट ने फ्लैट अलॉर्टी को 20 लाख 98 हजार रुपए की पेमेंट जारी की है। सूर्या एनक्लेव एक्सटेंशन में गुरदासपुर के रहने वाले तरसेम सिंह ने साल 2012 में 200 गज का प्लाट लिया था और कुल 2859530 लाख रुपए जमा करवाए थे।
फ्लैट की सारी पेमेंट तय समय में जमा करवाने के बावजूद कई साल तक जब कब्जा नहीं मिला तो उन्होंने 18 अगस्त 2015 को ट्रस्ट के खिलाफ स्टेट कमीशन में केस दायर किया, जिसका फैसला 7 मार्च 2017 को आया। स्टेट कमीशन ने ट्रस्ट को अलॉटी द्वारा जमा करवाई प्रिंसिपल अमाउंट वापस करने के साथ 9 फीसदी ब्याज के साथ 200000 रुपए मुआवजा, 10 हजार रुपए वकील खर्च और 10 हजार रुपए लीगल एड फंड के रूप में जमा करवाने के निर्देश दिए।
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने फैसले के खिलाफ नेशनल कमीशन में 16 मई 2018 को अपील दायर की, लेकिन कमीशन ने अपील की सुनवाई से पहले ट्रस्ट को कुल अमाउंट का 50 फीसदी जमा करवाने के निर्देश दिए। ट्रस्ट द्वारा अमाउंट जमा करवाने के बाद 14 जून 2019 को अपील डिसमिस कर दी गई और ट्रस्ट को कोई राहत मिलने के उलट जुर्माना देने के निर्देश दिए गए।
तरसेम सिंह ने इसी साल 13 जनवरी को स्टेट कमीशन में एग्जीक्यूशन फाइल की थी, जिसमें ट्रस्ट के चेयरमैन दलजीत सिंह आहलूवालिया के दूसरी बार गैर-जमानती वारंट जारी हुए थे। पहली बार ट्रस्ट के चेयरमैन को बाय नेम वारंट जारी होने के चलते ट्रस्ट ने इस बार पहले ही 2098000 फ्लैट अलॉटी को देने के लिए कमीशन में जमा करवा दिए, जो उन्हें आज नसीब हुए हैं।
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