शुक्रवार को बारिश के दौरान सरकारी मेडिकल कॉलेज के क्वार्टर की छत का एक हिस्सा गिर गया। हालांकि उस वक्त वहां कोई नहीं था अन्यथा जानी नुकसान हो सकता था। इस रिहायशी ब्लॉक के तकरीबन सारे क्वार्टरों की स्थिति जर्जर और दयनीय है। इसमें मुलाजिम रहने को मजबूर हैं। उक्त क्वार्टर में रहने वाले सोमनाथ ने बताया कि सुबह करीब 9.0 बजे वह कमरे से बाहर गया था और उसी दौरान छत का एक हिस्सा नीचे गिर गया। उसका कहना है कि पिछले साल भी यहां के कुछ क्वॉर्टरों का हिस्सा नीचे गिरा था। उस दौरान भी लोग बच गए थे। उसका कहना है कि यह क्वार्टर दशकों पूर्व बनाए गए थे। इनकी छत तथा दीवारें सभी जर्जर हो चुकी हैं। छत व ईंटें अक्सर खिसक रही हैं और किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।
सोमनाथ समेत अन्य मुलाजिमों का कहना है कि पूरा का पूरा ब्लॉक खस्ता हाल है और वह लोग जान जोखिम में डाल कर यहां रह रहे हैं। वह लोग यहां रहने का हर महीना किराया भी दे रहे हैं लेकिन फिर भी इस तरफ प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है। इस बारे मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को बताया गया था कि उन्हें यहां से शिफ्ट किया जाए, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि इस संदर्भ में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रमन शर्मा का कहना है कि कर्मचारियों के लिए नए क्वार्टरों को तैयार किया जा रहा है और इसके बाद उनको वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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