दुर्ग्याणा तीर्थ के सरोवर की कारसेवा होने के 1 साल बाद भी इसमें जल नहीं भरा जा सका। कमेटी ने इसमें जल भरने के कई प्रयास किए गए, परंतु सफलता नहीं मिली। अब यह सूख चुका है। इसलिए अब हंसली की रिपेयर के साथ सरोवर को समतल करवाया जा रहा है, ताकि यहां तक नहरी पानी लाकर सरोवर को भरा जा सके।
सरोवर की मिट्टी को समतल करने के लिए मजदूरों काे लगा दिया है। वहीं कमेटी अप्पर बारी दोआब नहर की हंसली का काम भी तेजी से करवा रही है। लॉकडाउन के 2 महीनों में करीब पांच किलोमीटर की हंसली की सफाई और रिपेयरिंग करवाई गई है।
पिछले साल 4 मार्च से मई महीने तक चली थी कारसेवा
दुर्ग्याणा कमेटी ने पिछले साल 4 मार्च सरोवर की कारसेवा का शुरू करवाई थी। इसमें शहर की सभा सोसायटी, संत महापुरुषों समेत कई भक्तों ने सहयोग किया। 3 महीने चली सेवा के बाद पंडितों ने हवन यज्ञ करके सरोवर में जल डालने की प्रक्रिया शुरू करवाई थी।
नहर से निरंतर पानी न आने के कारण नहीं भरा सरोवर
दुर्ग्याणा कमेटी की ओर से सरोवर में जल भरने के लिए 8 ट्यूबवेल निरंतर चलाए गए थे। मगर अप्पर बारी दोआब नहर की हंसली से निरंतर पानी न आने के कारण सरोवर को भरा नहीं जा सका। इसलिए अब रिपेयरिंग शुरू की गई है।
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