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पहले कंट्रोवर्सी फिर लॉकडाउन, अब निगम के खराब आर्थिक हालात से अटके प्रोजेक्ट

शनिवार को वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने शहर में डेवलेपमेंट को लेकर अधिकारियों से रिव्यू मीटिंग की और उन्हें रुके हुए प्रोजेक्ट शुरू करने को हिदायतें दीं। वहीं दूसरी ओर शहर के कई अहम प्रोजेक्ट का वजूद संकट में है।

शहर में पार्किंग से लेकर मानसून के पानी आदि की समस्याओं को हल करने के अलावा शहर को सुंदर बनाने से जुड़े इन प्रोजेक्टों को शुरू होने में और कितना समय लगना है, यह कोई नहीं जानता। इन प्रोजेक्टों में शामिल मल्टीस्टोरी पार्किंग, मल्टीस्टोरी कमर्शियल कांप्लेक्स, टावरटाइप पार्किंग, पौंड एंड पार्क प्रोजेक्ट व अंडरग्राउंड वायरिंग शामिल हैं।

यह अहम प्रोजेक्ट पहले पक्ष और विपक्ष की कंट्रोवर्सी फिर लॉकडाउन और अब निगम के खराब आर्थिक हालात के चलते लटक गए हैं। निगम हाउस में एक समय के अंतराल पर पास हो चुके इन प्रोजेक्टों के अधूरा रहने से समस्याएं बढ़ रही हैं।

हालांकि वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने पार्किंग जैसे प्रोजेक्ट के जल्द शुरू होने तथा बाजार वायरलेस करने को लेकर पुन: लोगों को आश्वस्त किया है, लेकिन इन पर काम शुरू होने तक कुछ भी कहना संभव नहीं है।

डिप्टी कमिश्नर बी. श्रीनिवासन ने कहा कि मल्टी स्टोरी पार्किंग पर पहले कंफ्यूजन था, लेकिन अब यह तय हो गया है कि यह प्रोजेक्ट बीडीए करेगा। इसकी प्लानिंग को पुन: सरकार के पास भेजा गया है।

बाकी जो भी जरूरी प्रोजेक्ट हैं, उनका रिव्यू किया जाएगा।

मल्टीस्टोरी पार्किंग
मल्टीस्टोरी कार पार्किंग प्रोजेक्ट के निर्माण का नींव पत्थर 2016 के अंत में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने चुनाव से कुछ समय पहले रखा था, लेकिन कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही यह प्रोजेक्ट एक बारगी ठप हो गया।

इसके बाद कई बार उक्त प्राइमरी स्कूल की जमीन, जो अभी बीडीए के पास हस्तांतरित की हो चुकी है, पर माल रोड के लिए मल्टीस्टोरी पार्किंग तैयार करने का कई बार सत्तासीन लोगों ने ऐलान किया, लेकिन यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतर नहीं पाया है।

कमर्शियल कांप्लेक्स

8 फरवरी 2019 की हाउस मीटिंग में इस प्रोजेक्ट को हाउस की तरफ से अप्रूवल दी गई। लेकिन 10 साल तक लगातार मल्टीस्टोरी पार्किंग में अपना भविष्य तलाशने में नाकाम रहने पर इस प्रोजेक्ट को कमर्शियल रूप देने की स्टडी पर मुहर लगाई गई जिसमें ओवरहैड टैंक को डिस्मेंटल कर इस जगह में मिलाने की भी योजना थी, लेकिन डिटेल स्टडी के बावजूद इस प्रोजेक्ट का कोई वजूद नहीं है।

टावरटाइप पार्किंगमाल रोड पर कार पार्किंग की निगम द्वारा जरूरत बताई गई। निगम ने एक प्राइवेट फर्म से पार्किंग की डिटेल स्टडी रिपोर्ट में 2023 तक यहां 352 कारों के लिए कार पार्किंग की जरूरत बताई, लेकिन माल रोड पर जगह उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर निगम ने शहर के आठ पार्किंग स्थलों में टावर टाइप पार्किंग प्रोजेक्ट की कुल कीमत 19.25 करोड़ आंकी थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में है।

लेक व्यू पार्क

नगर निगम ने वर्ष 2016 में 3 छप्पड़ की जगह लेक व्यू पार्क को मंजूरी दी। करीब तीन करोड़ के इस प्रोजेक्ट में लेक व पार्क दोनों ही विकसित करने की योजना है।

डीएवी छप्पड़ को नेता जी सुभाष चंद्र बोस लेक व्यू पार्क, संगुआणा छप्पड़ को डा. बीआर अंबेडकर लेक व्यू पार्क तथा अमरपुरा बस्ती छप्पड़ कारे गुरु अमरदास लेक व्यू पार्क का नाम भी दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक इस प्रोजेक्ट की शुरूआत नहीं हो पाई है।




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First the contravention then the lockdown, now the project stuck with the bad financial condition of the corporation


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पहले कंट्रोवर्सी फिर लॉकडाउन, अब निगम के खराब आर्थिक हालात से अटके प्रोजेक्ट पहले कंट्रोवर्सी फिर लॉकडाउन, अब निगम के खराब आर्थिक हालात से अटके प्रोजेक्ट Reviewed by Dibyendu on 17:09 Rating: 5

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