पिछले दिनों चौकी मान की पुलिस ने बच्ची के साथ छेडछाड़ औररेप की कोशिश करने का मामला दर्ज किया। लेकिन शुक्रवार को उस मामले नया मोड़ आ गया। जब बच्ची के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने रेप के मामले को छेड़छाड़ में बदल दिया।
इतना ही नहीं परिजनों ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते कहा कि डॉक्टरों ने उसे दाखिल नहीं किया। गांव हांस कलां की रहने वाली बलजिंदर कौर ने बताया कि चार दिन पहले गांव के रहने वाले एक युवक ने उनकी नाबालिग बच्ची को घर में अकेला देख उसके साथ अश्लील हरकतें करते हुए बच्ची से रेप किया था।
लेकिन पुलिस ने बिना जांच करवाए ही रेप के मामले को छेड़छाड़ में बदल दिया। अब उनकी बच्ची के दो दिन से खून रुकने का नाम नहीं ले रहा था। जब वह दो दिन पहले 27 तारीख को बच्ची लेकर सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने बच्ची को अगले दिन 28 तारीख देर शाम के समय दाखिल किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले यह पता ही नहीं था कि पुलिस ने क्या केस दर्ज किया है।
बाद में उन्हें पता चला कि पुलिस ने रेप नहीं छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया। जिसको लेकर शुक्रवार को परिजनों ने सरकारी अस्पताल में जमकर हंगामा किया। बता दें कि चार दिन पहले गांव हांस कलां में बच्ची के परिजन सरकारी गेहूं लेने के लिए डिपो पर गए थे। इसी दौरान आरोपी युवक घर में अकेली लड़की को देख कर घर में दाखिल हो गया था और लड़की के साथ अश्लील करते हुए रेप करने की कोशिश की थी।
लेकिन, अचानक लड़की का भाई आधार कार्ड लेने घर आ गया तो आरोपी मनदीप सिंह उसे देख मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने लड़की के पिता के बयान पर आरोपी मनदीप सिंह के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत थाना सदर जगराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
डॉक्टरों ने की है जांच, नहीं हुआ है रेप : एसएचओ
इस मामले को लेकर जब थाना सदर के इंचार्ज निशान सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लड़की के साथ रेप नहीं हुआ। बच्ची को पहली बार पीरियड्स आने के कारण खून आ रहा था। इसको लेकर डॉक्टरों द्वारा जांच की जा चुकी है।
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