ड्रग तस्कर बृजलाल के घर में रोज होते थे झगड़े इसलिए बुधवार रात शोर-शराबा हुआ तो पड़ोसियों ने ध्यान नहीं दिया, बदनामी के डर से दूर ही रहते थे गांववाले
पट्टी के कैरों गांव में लोगों को ड्रग तस्कर बृजलाल धत्तू के परिवार के 4 सदस्यों और ड्राइवर के कत्ल के बारे में वीरवार सुबह ही पता चला। पूरे इलाके में ड्रग तस्करी की वजह से बृजलाल धत्तू का परिवार बदनाम था और गांववाले उससे दूर ही रहते थे।
ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि बृजलाल के घर ड्रग लेने वालों का आना-जाना रहता था। ड्रग से जो पैसे आते, उन्हें लेकर घर में अकसर झगड़ा होता था। शोर-शराबा होने पर गांववाले बीचबचाव तो दूर, बृजलाल के घर के आसपास भी नहीं जाते।
बुधवार रात सवा 11 बजे भी जब गुरंजट और उसके पिता में झगड़ा हुआ तो ग्रामीणों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
पुलिस जब घर में पहुंची तो वहां हर तरफ खून बिखरा था। कमरों का सामान भी बिखरा था जिससे लग रहा था कि शायद हत्यारों ने कत्ल के बाद घर की तलाशी भी ली थी।
घर से पुलिस को कई बरछे, गंडासियां और तलवारें मिलीं। हालांकि इनमें से किसी का हत्याकांड में इस्तेमाल नहीं किया गय। बृजलाल की बेटी सरबजीत कौर के मुताबिक उसके पिता सुरक्षा के लिए अपने पास हथियार रखते थे।
ग्रामीणों के मुताबिक, बृजलाल और फिर उसके चारों बेटे ड्रग सप्लाई करते थे इसलिए कोई उनसे रिश्ता नहीं जोड़ना चाहता था। बृजलाल के बड़े बेटे बख्शीश ने यूपी की जसप्रीत कौर और सबसे छोटे बेटे परमजीत ने पट्टी की अमनदीप कौर से लव मैरिज की थी। बाकी दो बेटों दलजीत और गुरजंट की शादी नहीं हो पाई थी।
4 बच्चों को बुआ, पड़ोसी जगमोहन के परिवार और 2 महिला पुलिस अफसरों ने संभाला
हत्यारों ने परिवार के चारों बच्चों को कुछ नहीं कहा। इन बच्चों में बख्शीश सिंह का 7 साल का बेटा अमरजीत व एक वर्षीय बेटी खुशी और परमजीत की दो बेटियां 6 साल की परी व ढाई साल की जसमीत शामिल है।
घर के अलग-अलग कमरों में पड़ी लाशों और चारों तरफ खून बिखरा होने के कारण बच्चों को पड़ोसी जगमोहन सिंह के घर रखा गया। हत्याकांड की खबर मिलने के बाद अपनी ससुराल शाहबाजपुरी से कैरों पहुंची बृजलाल की बेटी (बच्चों की बुआ) सरबजीत कौर और पड़ोसी जगमोहन सिंह के परिवार ने उन्हें संभाला।
तरनतारन वुमन सेल की इंस्पेक्टर नरिंदर कौर और एएसआई रणजीत कौर भी बच्चों के पास रहीं और उन्हें चिप्स-चाॅकलेट वगैरह मंगवाकर दी। तरनतारन के एसएसपी ध्रुव दहिया ने दोनों महिला पुलिस अधिकारियों को दो दिन बच्चों की देखभाल करने को कहा है।
6 साल की परी ने बताया-चाचा गुरजंट ने पहले दादा से झगड़ा किया और फिर हमें कमरे में बंद कर दिया
मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों को 6 साल की परी ने बताया कि रात में चाचा गुरजंट ने पहले दादा से झगड़ा किया और उसके बाद उन चारों बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया।
बेहद शातिर परिवार -रेड पड़े तो अंदर परिवार को पता चल जाए इसलिए बृजलाल के बेटों ने छत पर लगवाए थे सीसी कैमरे जिन्हें एक साल पहले पुलिस ने उतरवा दिया, भागने के भी चार रास्ते
बृजलाल धत्तू और ड्रग सप्लाई करने वाले उसके चारों बेटे बेहद शातिर थे। उनके घर अक्सर पुलिस की रेड पड़ती थी। रेड में पकड़े न जाएं और उन्हें घर के अंदर बैठे रेड का पता चल जाए, इसके लिए बृजलाल के बेटों ने अपने घर की छत्त पर क्लोज सर्किट (सीसी) कैमरे लगवा लिए थे।
पुलिस जब भी रेड मारती, चारों कैमरे में उसे पहले ही देख लेते और फरार हो जाते। यही वजह रही कि तरनतारन पुलिस ने तकरीबन एक साल पहले बृजलाल के घर की छत्त पर लगे सभी सीसी कैमरे उतरवा दिए थे। बृजलाल के घर से भागने के भी 4 अलग-अलग रास्ते थे।
इनमेें से एक रास्ता मुख्य गली में पड़ती उसकी हवेली से था। हवेली में मुख्य गेट के अलावा आने-जाने के लिए साइड में लकड़ी की सीढ़ी भी रखी थी। हवेली के एकदम पीछे 4 फीट चौड़ी गली है।
बृजलाल के मुख्य घर का दरवाजा इसी में खुलता और गली तंग होने से पुलिस की गाड़ी सीधे वहां तक नहीं पहुंच पाती। इसके अलावा उसने इस तंग गली के थोड़े ससे हिस्से पर छत भी बना ली थी। घर के एक तरफ की दीवार कम ऊंची थी। रेड होती तो बृजलाल के बेटे इसे फांद जाते थे।
बृजलाल की पत्नी की जेल में हुई थी माैत
बृजलाल की पत्नी रणजीत कौर को वर्ष 2018 में नशा तस्करी में 3 साल की सजा हुई थी। उसपर वर्ष 2014 में पट्टी अाैर चंडीगढ़ में एनडीपीएस के 2 केस दर्ज किए गए थे। इसी साल 22 मई को अमृतसर जेल में हार्ट अटैक से उसकी माैत हाे गई थी।
गुरजंट पर 2007 में हुआ था हत्या का केस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपने ही परिवार के चार सदस्यों और ड्रावर की हत्या के आरोपी गुरजंट पर पहले से कत्ल का एक मामला दर्ज है। यह मामला वर्ष 2007 में भिखीविंड थाने में दर्ज किया गया था और इस केस में वह जमानत पर चल रहा था।
नशा छुड़ाओ केंद्र से लाए गए बेटाें ने कहा-
पैसों काे लेकर तरनतारन और अमृतसर के 2 युवकों से पिता की हुई थी बहस तरनतारन के प्राइवेट नशा छुड़ाओ केंद्र में 15 दिन से इलाज करवा रहे बृजलाल धत्तू के दाे बेटाें बख्शीश और परमजीत को लेकर पुलिस दाेपहर 12.55 बजे गांव पहुंची।
दाेनाें ने माैके पर माैजूद तरनतारन के एसएसपी ध्रुव दहिया काे बताया कि उनके पिता ने किसी को पैसे दे रखे थे और पैसे वापस लेने को लेकर उनकी अमृतसर और तरनतारन के 2 युवकों से बहस हुई थी। एक महीना पहले रात में 3 हथियारबंद युवकों ने उनके घर के बाहर हुल्लड़बाजी भी की थी लेकिन अंधेरे में उनकी पहचान नहीं हो पाई।
ड्राइवर पूर्व आतंकी का बेटा, बृजलाल ने फोन कर बुलाया
बृजलाल का ड्राइवर गुरसाहिब सिंह (35) पूर्व आतंकी बख्शीश सिंह सोना का बेटा था। कैरों के ही रहने वाले बख्शीश सिंह का पूरा परिवार आतंकवाद के दौरान खत्म हो गया था और सिर्फ गुरसाहिब सिंह बचा था। वह बचपन में ताया सुरजीत सिंह के पास रहा। जवान होने पर नशे के दलदल में फंस गया और बृजलाल के संपर्क में आ गया।
सुरजीत के अनुसार, 20 साल से उनका भतीजा बृजलाल के घर पर रह रहा था, लेकिन 6 दिन पहले वह उसका घर छोड़कर उनके पास आ गया। बुधवार रात 11.40 बजे बृजलाल ने फोन करके जब गुरसाहिब को घर बुलाया तब फोन पर ही पीछे झगड़े की आवाज सुनाई दे रही थी।
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