पंजाब रोडवेज/पनबस कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन द्वारा 18 डिपूओं समक्ष गेट रैलियां की गईं। इसी तरह मुक्तसर डिपो आगे भी गेट रैली के दौरान संबोधित करते राज्य संरक्षक कमल कुमार ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सभी विभागों को कोरोना की आड़ में खत्म करने व लोक मारु कानून लागू करने में लगी हुई है। पंजाब रोडवेज/पनबस विभाग को चलाने की जगह पर प्राइवेट कंपनियों (ट्रांसपोर्ट माफिया) को लाभ देने में लगी हुई है।
सरकारी बसों को बाहरी राज्यों में जाने पर पाबंदी लगाने व प्राइवेट को ढील देना रोडवेज में केवल 25 यात्रियों व प्राइवेट बसों को 70 यात्री तक आदेश देना इसका ही हिस्सा है। दूसरे ओर मोनटेक सिंह आहलूवालिया की रिपोर्ट में पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी का मिलान करना यह सरकार की नीतियां साफ करती हैं कि सरकारी ट्रांसपोर्ट खत्म करके प्राइवेट कंपनियों को मुनाफा देने वाली सरकार लोगों से कोरोना की आड़ में ट्रांसपोर्ट सुविधाएं छीनने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कच्चे कर्मियों को पक्के करने व 2016 एक्ट को रद्द करने वाले नए कानून की अफवाहें आ रही हैं जोकि पूरे पंजाब के कच्चे मुलाजिमों विरोधी है व इसके घेरे में पंजाब के कांट्रेक्ट व आउट सोर्सिग मुलाजिम नहीं आते यह मुलाजिमों को पक्के न करने वाले फैसले है इनको कच्चे मुलाजिम कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे व तीखे संघर्ष के लिए विवश होंगे।
नेताओं ने मांग की कि पंजाब रोडवेज को लोक सुविधाओं के लिए संपूर्ण रुप में चलाया जाए, ट्रांसपोर्ट माफिया को नकेल डाली जाए, मोनटेक सिंह आहलूवालिया की सभी सिफारिशें रद्द की जाएं, वेलफेयर एक्ट 2016 लागू करके सभी विभागों के कच्चे मुलाजिमों को पक्के किए जाए आदि। यदि सरकार ने हल न किया तो 7 सितंबर को सरकार व मोनटेक सिंह आहलूवालिया के पुतले फूंके जाएंगे।
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