यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से शहर के कॉलेजों के हॉस्टल को खोलने की परमिशन मिल चुकी है। मंगलवार 1 दिसंबर से हॉस्टल खुल जाएंगे। हालांकि स्टूडेंट्स ने हॉस्टल में आने की इच्छा नहीं जताई है इस वजह से ज्यादातर कॉलेजों के हॉस्टल परमिशन होने के बावजूद भी मंगलवार को नहीं खुलेंगे।
प्रिंसिपल बोले, स्टूडेंट्स आना नहीं चाहते
डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 के प्रिंसिपल पवन शर्मा ने कहा कि हमारे पास 400 कमरे हैं यानी हम 400 स्टूडेंट्स को हॉस्टल दे सकते हैं लेकिन बहुत कम स्टूडेंट्स ने आने की इच्छा जताई है। हमारी सभी तैयारियां पूरी हैं और अगर वह आए तो हम हॉस्टल खोल देंगे।
पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर 11 की प्रिंसिपल डॉ. संगम कौर ने बताया कि एक भी स्टूडेंट ने आने के लिए हां नहीं की है इसलिए हम हॉस्टल नहीं खोल रहे हैं। गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज फॉर वुमन सेक्टर 26 में प्रिंसिपल जतिंदर कौर ने कहा कि हमारे यहां हॉस्टल में 100 कमरे हैं और किसी ने आने के लिए हां नहीं की है इसलिए हम हॉस्टल नहीं खोल रहे हैं।
एसडी कॉलेज सेक्टर 32 के प्रिंसिपल डॉ. बलराज थापर ने कहा कि उनके कैंपस में 200 कमरे है यानी 200 स्टूडेंट्स आ सकते हैं लेकिन करीब 10 स्टूडेंट्स ने आने के लिए कहा है। पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स सेक्टर 11 की प्रिंसिपल डॉ. अनिता कौशल ने कहा कि करीब 450 हॉस्टल रूम्स हैं लेकिन 6-7 स्टूडेंट्स ने ही आने के लिए कहा है।
स्टूडेंट्स के न आने की यह 5 मुख्य वजह...
- हॉस्टल में आने के बाद स्टूडेंट्स को 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन होना पड़ेगा और वह हॉस्टल रूम से बाहर नहीं जा पाएंगे।
- मार्च या अप्रैल से फाइनल एग्जाम शुरू हो जाएंगे और इसके बाद यह स्टूडेंट्स पासआउट हो जाएंगे। ऐसे में इन्हें यह हॉस्टल छोड़ना ही होगा।
- कोरोना की सेकेंड वेव की वजह से पेरेंट्स अपने बच्चों को भेजना नहीं चाहते।
- कॉलेजों में ऑनलाइन मिड टर्म एग्जाम चल रहे हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स हॉस्टल में नहीं आना चाहते।
- फिलहाल सिर्फ फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को हॉस्टल में आने की परिमशन है। ऐसे में कम स्टूडेंट्स होेने की वजह से हॉस्टल लाइफ पहले जैसी न होने पर स्टूडेंट्स को लगता है कि हॉस्टल में बोरियत रहेगी।
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