किसान रैली को देखते हुए दो दिन पहले से ही दिल्ली पुलिस ने दिल्ली से सटे सभी बॉर्डर पर पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। जिससे किसान दिल्ली में किसी भी तरह से प्रवेश नहीं कर पाए। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने खुद आला अधिकारियों के साथ बॉर्डर पर जाकर मुआयना किया और पुलिस बल की हौसला अफजाई की।
उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस ने अपने सभी बॉर्डर पर पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। हर एक आने जाने वाली से पूछताछ की जा रही है। उनकी पूरी कोशिश है कि वह किसानों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने देगें। हम पंजाब और हरियाणा पुलिस के भी संपर्क में है। जिससे तीनों शहरों की स्थिति के बारे में पता लग सके।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के तौर पर सिंधू बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने पैरामिलिट्री फोर्स के साथ मिलकर किसानों को दिल्ली में प्रवेश नहीं करने के लिए पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं। हर एक आने जाने वाली की आईडी देखी जा रही है। जबकि बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए डंपरों में मिट्टी भरकर खड़े कर रखे हैं।
जिससे किसानों के रास्ते बंद किए जा सके। इसके अलावा किसानों को रोकने के लिए पत्थरों के बेरिकेटस, लोहे के तार का इंतजाम कर रखा था। हर एक वाहन खासतौर पर पंजाब और हरियाणा नंबर के वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।
वाहनों में आने वाले लोगों से भी पूरी पूछताछ करने के बाद ही दिल्ली में प्रवेश दिया जा रहा था। इसके अलावा बॉर्डर पर हर एक हरकत पर निगाह रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा था। हर वक्त पंजाब और हरियाणा पुलिस से संपर्क किया जा रहा था। जिससे किसानों की हर एक गतिविधि के बारे में पता लग सके।
छोटे-छोटे ग्रुपों में घुसने की कोशिश थी किसानों की | पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनको ऐसी सूचनाएं मिली थी। जिसमें बताया गया था कि किसान दिल्ली में घुसने के लिए छोटे छोटे ग्रुपों में दिल्ली में बॉर्डरों से आ सकते हैं। दिल्ली में एक जगह पर मिलकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर सके।
इसको देखते हुए बॉर्डर पर विशेषतौर पर चेकिंग अभियान चलाया गया था। दिल्ली में थानास्तर पर गश्त बढा दी गई थी और पंजाब और हरियाणा नंबर के वाहनों में बैठे लोगों से दिल्ली में आने का कारण पूछा जा रहा था। पूरी गहन जांच करने के बाद ही उनको छोड़ा जा रहा था।
बॉर्डर पर लंबा जाम, दुल्हन घंटों बैठी रही कार में |सिंधू बॉर्डर पर सुबह अचानक आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई थी। जिससे लंबा जाम लग गया। वहां से सिर्फ एंबुलेंस को ही आने जाने दिया जा रहा था। जाम की वजह से मेरठ से नरेला जा रही एक कार में डोली तीन घंटे तक बॉर्डर पर ही खड़ी रही। परिजनों ने बताया कि उनको सुबह नरेला पहुंचना था।
बॉर्डर से घर की दूरी करीब 15 मिनट की है। लेकिन जाम की वजह से यह दूरी तीन साढ़े तीन घंटे से ज्यादा समय में तय करनी पड़ी। जिससे तीन कारों में बैठे बच्चों का बुरा हाल हो गया था। अधिकारियों से बातचीत करने पर उन्होंने भी अपनी मजबूरी बता दी थी। जिसको सुनने के बाद वह भी मजबूर थे और जाम खुलने का इंतजार करने लगे थे।
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