सिटी में 5 सड़कों के मिलान और सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले बीएमसी चौक की पहचान बुधवार से बदल जाएगी। आजादी के पहले से यानी 1934 से चलन में रहे बीएमसी चौक का नाम बदलने के लिए मंगलवार को होने वाली निगम हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव रखा गया है। नए नाम के प्रस्ताव पर मोहर लगते ही 86 साल बाद चौक का नया नाम संविधान चौक होगा।
कारण चौक के नाम बदलने को लेकर फिलहाल किसी का विरोध भी नहीं है। फरवरी में वकीलों के संगठन अंबेडकर राइट लीगल फोरम ने निगम प्रशासन को मांग-पत्र देकर अंग्रेजों द्वारा रखे गए नाम को बदलकर संविधान चौक करने की मांग की थी। एसई और कमिश्नर की मंजूरी के बाद मेयर जगदीश राज राजा की सहमति से प्रस्ताव निगम हाउस में लाया जा रहा है।
संगठन का तर्क था कि चौक के नजदीक नई कचहरी, जिला प्रशासनिक कांप्लेक्स और निगम कांप्लेक्स भी है। सभी सरकारी तंत्र के बड़े दफ्तर हैं, जहां संविधान के आधार पर बने नियम-कानून की पहरेदारी का काम होता है। इसलिए चौक का नया नाम संविधान चौक ही रखा जाए। मेयर ने बताया कि इसी को आधार बनाकर नया नाम तय किया गया है।
तर्क- चौक के पास नई कचहरी, जिला प्रशासनिक कांप्लेक्स और निगम कांप्लेक्स
अब तक ब्रिटिश मोटर कार कंपनी ही रही है पहचान
नई पीढ़ी भले ही इसे मैकडोनाल्ड चौक कहने लगी है लेकिन उसी इमारत की जगह पर 1934 में ब्रिटिश मोटर कार कंपनी का शोरूम था। तब चौक के आसपास अधिकांश मोटर गैराज के काम थे। चौक के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम के समय से चला आ रहा देशभगत यादगार हाल है, जहां 15 अगस्त 1947 की सुबह भी देश की आजादी के गवाह बने लोगों का हुजूम उमड़ आया था।
जारी होगी चिट्ठी, रिकार्ड में दर्ज होगा नाम
मेयर राजा का कहना है कि अब सरकारी रिकाॅर्ड में यही नाम दर्ज होगा। निगम हाउस से प्रस्ताव पास होने के बाद सरकार के पास भेजा जाएगा। सरकार इसकी मंजूरी के बाद सभी सरकारी विभागों को चिट्ठी जारी करती है ताकि रिकाॅर्ड में नया नाम दर्ज हो जाए। मेयर ने बताया कि जल्द ही चौक पर नए नाम का बड़ा बोर्ड भी लगाया जाएगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/37ojK9m
via
No comments: